नई दिल्ली। मौजूदा दौर में कैंसर सिर्फ एक बीमारी नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों के लिए चिंता की बड़ी वजह भी है। खासकर बात जब बेटियों की आती है, तो हर माता-पिता के मन में एक ही डर रहता है कि कहीं उनकी बेटी किसी गंभीर बीमारी का शिकार न हो जाए। सर्वाइकल कैंसर ऐसी ही एक खतरनाक बीमारी है, जो चुपके से महिलाओं की सेहत को नुकसान पहुंचाती है। लेकिन अब, इस डर को कम करने के लिए एक बड़ा और उम्मीद जगाने वाला कदम उठाया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, भारत में लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल की है। PM नरेंद्र मोदी ने अजमेर से पूरे देश में HPV (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू किया। इस कैंपेन का मकसद हर साल 14 साल और उससे ज़्यादा उम्र की लगभग 11.5 मिलियन लड़कियों को मुफ़्त में वैक्सीन लगाना है, ताकि उन्हें भविष्य में इस जानलेवा बीमारी से बचाया जा सके। आइए जानें कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) क्या है और HPV वैक्सीनेशन क्यों ज़रूरी है।
क्या है HPV?
HPV, या ह्यूमन पैपिलोमावायरस, एक आम वायरस है जो ज़्यादातर संपर्क से फैलता है। यह बिना किसी लक्षण के शरीर में लंबे समय तक रह सकता है। कुछ तरह के HPV इन्फेक्शन से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। हाल के सालों में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले तेज़ी से बढ़े हैं, जिससे सरकार को यह कैंपेन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
14 साल और उससे ज्यादा उम्र पर फोकस
केंद्र सरकार ने खास तौर पर 14 साल और उससे ज्यादा उम्र की लड़कियों को टारगेट किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कम उम्र में वैक्सीन लगवाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है, जिससे शरीर भविष्य में होने वाले इन्फेक्शन से सुरक्षित रहता है। यह वैक्सीन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तय सरकारी हेल्थ सेंटर पर मुफ्त में मिलती है।

HPV वैक्सीनेशन क्यों जरूरी है?
भारत में महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक सर्वाइकल कैंसर है। जानकारी की कमी और समय पर स्क्रीनिंग न होने की वजह से, कई मामलों का पता देर से चलता है। HPV वैक्सीन उन तरह के इन्फेक्शन से बचाती है जिनसे कैंसर होता है। डॉक्टरों के मुताबिक, सही उम्र में वैक्सीन लगवाने से भविष्य में कैंसर का खतरा काफी कम हो सकता है।
कैसे होगा वैक्सीनेशन?
यह कैंपेन स्कूलों और सरकारी हेल्थ इंस्टीट्यूशन के ज़रिए चलाया जाएगा। हेल्थकेयर वर्कर लड़कियों और उनके पेरेंट्स को जानकारी देंगे। वैक्सीनेशन से पहले जरूरी जानकारी दी जाएगी और पूरी प्रोसेस सुरक्षित तरीके से की जाएगी।
वैक्सीन कितनी सुरक्षित?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, HPV वैक्सीन सुरक्षित और असरदार है। इसे दुनिया भर के कई देशों में अपनाया गया है। हल्का बुखार या इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द जैसे आम साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं, लेकिन वे समय के साथ कम हो जाते हैं।
PM मोदी का खास मैसेज-हेल्दी भविष्य की गारंटी
PM मोदी ने इस पहल को बेटियों के हेल्दी भविष्य की गारंटी बताया है। उन्होंने पेरेंट्स से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को समय पर वैक्सीन लगवाएं और इस नेशनल कैंपेन का हिस्सा बनें। HPV वैक्सीनेशन सिर्फ एक वैक्सीन नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को कैंसर से बचाने की एक मजबूत स्ट्रेटेजी है। जिस तरह से कैंसर फैल रहा है, उसे देखते हुए सही जानकारी और समय पर एक्शन लेकर हम अपनी बेटियों को एक सुरक्षित और हेल्दी जिंदगी दे सकते हैं।
(HPV) वैक्सीनेशन
ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीनेशन मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। भारत में 28 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा एक राष्ट्रव्यापी मुफ्त टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है।
- सरकारी अभियान और पात्रता
मुफ्त टीकाकरण: भारत सरकार ने 14 साल की लड़कियों के लिए मुफ्त राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है।
लक्ष्य आयु: यह अभियान मुख्य रूप से 14 वर्ष की लड़कियों (14 पूर्ण कर चुकीं लेकिन 15 से कम) को लक्षित करता है।
पंजीकरण: लाभार्थी U-WIN डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्री-रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर वॉक-इन सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
- वैक्सीन की खुराक (Dosage) और आयु
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, HPV वैक्सीन की खुराक आयु के अनुसार निर्धारित की जाती है।
9-14 वर्ष: इस आयु वर्ग के लिए, शोध के अनुसार वैक्सीन का एक निश्चित शेड्यूल (0 और 6 महीने के अंतराल पर) हो सकता है, लेकिन नए भारतीय सरकारी अभियान में इस उम्र की लड़कियों के लिए एकल खुराक भी प्रभावी मानी गई है।
15-26 वर्ष (कैच-अप): इस आयु वर्ग के लिए, डॉक्टर आम तौर पर एक विशिष्ट अंतराल पर खुराक की सलाह देते हैं।
27-45 वर्ष: इस उम्र में भी डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन ली जा सकती है।
- वैक्सीन के प्रकार (प्राइवेट मार्केट में)
यदि आप सरकारी केंद्र के बाहर वैक्सीन लगवाना चाहते हैं, तो निम्नलिखित विकल्प उपलब्ध हैं।
Cervavac (स्वदेशी): भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन (सीरम इंस्टीट्यूट)।
Gardasil 4: चार प्रकार के HPV स्ट्रेन से सुरक्षा प्रदान करने वाली वैक्सीन।
Gardasil 9: यह अधिक स्ट्रेन से सुरक्षा देती है।
- इसके फायदे
यह सर्वाइकल कैंसर के अलावा एनल कैंसर, योनि के कैंसर और जेनिटल वार्ट्स (जननांगों के मस्से) से भी बचाता है।
यह पुरुषों के लिए भी कुछ प्रकार के कैंसर से बचाव में सहायक है, इसलिए लड़कों को भी लगवाने की सलाह दी जाती है।
महत्वपूर्ण: टीकाकरण से पहले अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
