नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के दुष्परिणाम भी सामने आने लग हैं। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुए सैन्य संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में अब तक 41 लाख से अधिक लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हो चुके हैं। यह संकट ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों और उसके बाद क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियों का परिणाम है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!41 लाख के इस आंकड़े में ईरान, अफगानिस्तान, लेबनान और पाकिस्तान के लोग शामिल हैं। अकेले ईरान में लगभग 32 लाख लोग (6 लाख से 10 लाख परिवार) अपना घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं। विस्थापित होने वाले अधिकांश लोग तेहरान और अन्य बड़े शहरी केंद्रों से भागकर उत्तरी क्षेत्रों या ग्रामीण इलाकों में शरण ले रहे हैं।
लेबनान में इजरायली हमलों और निकासी आदेशों के कारण 8 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं आंतरिक विस्थापन के अलावा, लगभग 1,17,000 लोगों ने पड़ोसी देशों में अंतरराष्ट्रीय शरण ली है। संयुत राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष पहले से ही गंभीर मानवीय स्थिति को और बदतर बना रहा है, जिससे भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी हो गई है।
भयावह आंकड़े
इतिहास के प्रमुख युद्धों में हुई मौतों और विस्थापन के आंकड़े व्यापक हैं। सबसे घातक युद्धों और हाल के वर्षों (2020-2026) के संघर्षों का वर्षवार और घटनावार विवरण।
- इतिहास के सबसे घातक युद्ध (कुल आंकड़े)
इतिहास के कुछ सबसे बड़े युद्धों में करोड़ों लोग मारे गए और लाखों विस्थापित हुए।
युद्ध समय अवधि अनुमानित मौतें मुख्य कारण/विवरण
द्वितीय विश्व युद्ध 1939–1945 7–8.5 करोड़ इतिहास का सबसे घातक युद्ध; 2.1 करोड़ से अधिक सैनिक मारे गए।
प्रथम विश्व युद्ध 1914–1918 1.5–2 करोड़ 1.1 करोड़ सैनिक और 70 लाख नागरिक हताहत हुए।
मंगोल आक्रमण 1206–1368 2–6 करोड़ उस समय की वैश्विक आबादी का 5.5% से 13.5% हिस्सा खत्म हो गया।
वियतनाम युद्ध 1955–1975 11–42 लाख भारी नागरिक विस्थापन और हताहत।
भारत का विभाजन 1947 2–10 लाख लगभग 1.46 करोड़ लोगों का विस्थापन हुआ।
- हालिया वर्षों के युद्ध और विस्थापन (2020–2026)
हाल के वर्षों में संघर्षों के कारण मौतों और विस्थापन की संख्या में तेजी से उतार-चढ़ाव देखा गया है।
वर्ष प्रमुख संघर्ष क्षेत्र मौतों का आंकड़ा विस्थापन/विशेष विवरण
2020 सीरिया, यमन, अफगानिस्तान : 1,25,514 सीरिया और यमन में लाखों लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए।
2021 अफगानिस्तान, इथियोपिया : 1,64,721 अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन से भारी पलायन हुआ।
2022 यूक्रेन, इथियोपिया : 2,38,000+ यूक्रेन युद्ध से यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा विस्थापन हुआ।
2023 गाजा (इजरायल-हमास), यूक्रेन : 1,62,000 गाजा में 23,000+ और यूक्रेन में 83,000 से अधिक मौतें।
2024 यूक्रेन, सूडान, गाजा : 47,000 (केवल 4 माह) सूडान में गृहयुद्ध के कारण विस्थापन का संकट गहराया।
2025 यूक्रेन, सूडान, म्यांमार : 1,47,609 (अनुमानित) वैश्विक स्तर पर जबरन विस्थापित लोगों की संख्या 12.2 करोड़ पहुंची।
2026 (अनुमान) यूक्रेन, फिलिस्तीन, सूडान : 78,000 (प्रत्याशित) यूक्रेन में 28,300 और गाजा में 7,700 और मौतों का पूर्वानुमान।
2. महत्वपूर्ण तथ्य
विस्थापन: जून 2025 तक, दुनियाभर में युद्ध और अस्थिरता के कारण विस्थापित लोगों की कुल संख्या 12.21 करोड़ (122.1 मिलियन) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
नागरिक बनाम सैनिक: आधुनिक युद्धों में नागरिकों के मारे जाने का अनुपात बढ़ा है। उदाहरण के लिए, 2023 के इजरायल-गाजा संघर्ष में नागरिक हताहतों की संख्या पिछले संघर्षों की तुलना में काफी अधिक रही है।
भारत का संदर्भ (1989-2023): भारत में विभिन्न आंतरिक संघर्षों और हिंसा के कारण 1989 से 2023 के बीच लगभग 60,465 लोगों की जान गई है।
20वीं और 21वीं सदी में हुए प्रमुख युद्धों, उनमें हुई मौतों और विस्थापन के आंकड़े
वर्षवार आंकड़े (अनुमानित) नीचे दिए गए हैं। ये आंकड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों और शोधों पर आधारित हैं, जिनमें समय के साथ बदलाव संभव है।
20वीं-21वीं सदी के प्रमुख युद्ध और हताहत
प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918):
मौतें: लगभग 15-22 मिलियन (सैनिक + नागरिक)।
विस्थापन: यूरोप और एशिया में बड़े पैमाने पर शरणार्थी संकट।
द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945):
मौतें: 60-85 मिलियन (इतिहास का सबसे घातक युद्ध)।
विस्थापन: 1944-1950 के बीच करोड़ों लोग विस्थापित, विशेषकर जर्मनी और पूर्वी यूरोप से।
रूसी गृहयुद्ध (1917-1922):
मौतें: 7-10 मिलियन (अधिकांश नागरिक)।
चीन-जापान युद्ध (1937-1945):
मौतें: 10-20 मिलियन से अधिक हताहत।
चीन गृहयुद्ध (1927-1949):
मौतें: 4-9 मिलियन।
वियतनाम युद्ध (1955-1975):
मौतें: 1.1-4.2 मिलियन।
नाइजीरियाई गृहयुद्ध (1967-1970):
मौतें: 3-4 मिलियन।
द्वितीय कांगो युद्ध (1998-2003):
मौतें: 3-5.4 मिलियन (अकाल और बीमारी से)।
अफगानिस्तान युद्ध (2001-2021):
मौतें: 240,000+।
इराक युद्ध (2003-2011):
मौतें: 300,000+।
सीरियाई गृहयुद्ध (2011-वर्तमान):
मौतें: 500,000+ (अनुमानित)।
विस्थापन: 10 मिलियन से अधिक (शरणार्थी और आंतरिक रूप से विस्थापित)।
यमन गृहयुद्ध (2014-वर्तमान):
मौतें: 250,000+।
रूस-यूक्रेन युद्ध (2014/2022-वर्तमान):
मौतें: 2022 के आक्रमण के बाद से हज़ारों नागरिक और लाखों सैनिक।
विस्थापन: 8 मिलियन से अधिक शरणार्थी और 8 मिलियन आंतरिक विस्थापित (2023 तक)।
इजराइल-हमास युद्ध (2023-वर्तमान):
मौतें: 30,000+ (अप्रैल 2024 तक)।
विस्थापन और मौतें
युद्ध मौतों का 90%: इतिहास के सबसे बड़े 10 युद्धों में हुई हैं।
21वीं सदी के विस्थापन: 2023-24 में यूक्रेन और गाजा संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर विस्थापन रिकॉर्ड स्तर पर है (110 मिलियन+ लोग विस्थापित)।
