भोपाल। ई-कैबिनेट कॉन्सेप्ट के तहत मंगलवार को यहां कैबिनेट मीटिंग के दौरान मंत्रियों को टैबलेट बांटे गए। अगली कैबिनेट की कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से की जाएगी। CM मोहन यादव ने खुद अपने कैबिनेट साथियों को टैबलेट देते हुए कहा कि राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है और ई-कैबिनेट एप्लिकेशन का इस्तेमाल मंत्री कहीं भी कर सकते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कैबिनेट के इंचार्ज सेक्रेटरी को भी टैबलेट दिए गए। ई-कैबिनेट एप्लिकेशन न केवल कैबिनेट एजेंडा से जुड़ी जानकारी देगा, बल्कि पहले लिए गए फैसलों के बारे में भी जानकारी देगा।
MP व्हीकल टैक्सेशन एक्ट 1991 में बदलाव
कैबिनेट ने MP व्हीकल टैक्सेशन एक्ट 1991 के पहले और दूसरे शेड्यूल के सेक्शन 23 के तहत ज़रूरी बदलावों को मंज़ूरी दी। इन बदलावों से पब्लिक बसों के ऑपरेशन में मदद मिलेगी।
सब अर्बन सिटी बस चालकों को राहत
अब शहरी इलाकों में चलने वाली सिटी बसें सबअर्बन इलाकों में जा सकेंगी और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ऐसे सभी रूट नोटिफाई कर सकेगा। सबअर्बन इलाकों में जाने वाली सिटी बसों के लिए गाड़ी का टैक्स कम कर दिया गया है। Rs 150 प्रति सीट की जगह यह हर तिमाही के लिए Rs 150 प्रति सीट होगा। सीधे शब्दों में कहें तो अब गाड़ी का टैक्स Rs 50 प्रति सीट प्रति महीना है। पहले गाड़ी का टैक्स रेट ज़्यादा होने की वजह से सिटी बसें सबअर्बन इलाकों तक नहीं चलाई जा सकती थीं। अब वे नगर निगम की सीमा से बाहर के इलाकों में जा सकेंगी।
इस बीच मीडियम गाड़ियों के तौर पर चलने वाली पब्लिक बसों के लिए गाड़ी का टैक्स रेट वैसा ही रखा गया है। टेम्पररी परमिट के गाड़ी के टैक्स में 20-25% की मामूली बढ़ोतरी की गई है। इससे टेम्पररी परमिट लेकर मीडियम गाड़ियां चलाने के गलत इस्तेमाल को रोकने में मदद मिलेगी। अब रोड ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (RTO) सिर्फ़ इमरजेंसी में ही मीडियम गाड़ियों के लिए टेम्पररी परमिट जारी करने का लिखित आदेश जारी कर सकेंगे।
लोडिंग गाड़ियों को टैक्स छूट
लोडिंग गाड़ियों पर लाइफ टाइम रेट को भी सही किया गया है। पहले, चेसिस और उस पर बनी बॉडी की जॉइंट वैल्यू पर व्हीकल टैक्स लगाने का प्रोविजन था। अब गाड़ी मालिक द्वारा मार्केट से बनवाई गई बॉडी की वैल्यू को व्हीकल टैक्स से फ्री कर दिया गया है। मोटर व्हीकल टैक्स सिर्फ चेसिस की वैल्यू पर ही लगेगा। पत्ता एग्रीमेंट पर गाड़ी चलाने के लिए लेने वालों पर लगने वाले एक्स्ट्रा 20% टैक्स से जुड़े प्रोविज़न को भी खत्म करने का फ़ैसला लिया गया।
