भोपाल। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से 20 लोगों की मौत के बाद उठे विवाद के बीच कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गुरुवार को अचानक भोपाल पहुंचे। BJP ऑफिस में विजयवर्गीय के आसपास पहले से ज्यादा सुरक्षा के इंतजाम देखे गए। मैदान में संगठन महासचिव हितानंद शर्मा के साथ उनकी गोपनीय बातचीत ने राज्य के सियासी गलियारे में अटकलों को हवा दे दी है। BJP ऑफिस में विजयवर्गीय के सिक्योरिटी वालों ने कड़ा सिक्योरिटी घेरा बनाए रखा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संगठन महासचिव हितानंद शर्मा और विजयवर्गीय के बीच बातचीत ऑफिस के खुले मैदान में हुई। इस बीच सिक्योरिटी वालों को छोड़कर बाकी सभी को मैदान से दूर रहने के निर्देश दिए गए थे। कैलाश विजयवर्गीय को इतने कड़े सिक्योरिटी घेरे में घेर लिया गया कि कोई परिंदा भी पर नहीं उड़ सकता था। यहां तक कि कार्यकर्ताओं और मीडिया को भी दूर रखा गया।
आधिकारिक तौर पर बताया गया कि विजयवर्गीय नियमित बैठक के लिए आए थे, जो दिसंबर से मंत्रियों के लिए शुरू की गई है। इसके तहत, हर मंत्री को कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए तय दिन पर पार्टी मुख्यालय पहुंचना जरूरी है।
बैठक के बाद अटकलें
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बीच कैलाश विजयवर्गीय के अचानक भोपाल पहुंचने और संगठन महासचिव के साथ उनकी गोपनीय बैठक के बाद अब अंदाजा लगाया जा रहा है कि क्या दिल्ली हाईकमान ने संगठन महासचिव के जरिए विजयवर्गीय को कोई मैसेज दिया है। इससे पहले, इंदौर में दूषित पानी के मुद्दे पर विवादित बयानों के बाद संगठन महासचिव ने BJP नेताओं को सिर्फ जनता की बात सुनने की हिदायत दी थी। उस बैठक में मेयर और स्थानीय पार्षद मौजूद थे, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय नहीं थे। इसलिए आज की बैठक को डैमेज कंट्रोल या बड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो इंदौर की घटना के बाद संगठन में नाराजगी है। संघ भी इस मामले को लेकर गंभीर है। यही वजह है कि इस मामले में पार्टी अब डैमेज कंट्रोल की कवायद करती दिख रही है। यहां तक कि अब इस मामले में राज्य के ज्यादातर मंत्री चुप्पी साध चुके हैं। पिछले दिनों एक कार्यक्रम में शामिल होने इंदौर पहुंची नगरीय प्रशासन एवं विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने भी मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया। इस दौरान राज्यमंत्री बागरी ने मीडिया के माइक को हटाए हुए निकल गई थीं।
गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पानी से 20 मौतें हो चुकी हैं। इस मामले को लेकर पिछले दिनों मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक पत्रकार को अपशब्द तक कह दिया था, जिसके बाद खूब हंगामा मचा। विपक्षी दल कांग्रेस ने इंदौर की घटना के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन किया, इस दौरान विजयवर्गीय के पुतले जलाए गए।
