भोपाल। मध्य प्रदेश में इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने 2025 के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों में 172 FIR दर्ज कीं और 29 अधिकारियों को पकड़ा। इस साल एजेंसी ने 143 करोड़ रुपए के GST इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले में कार्रवाई की और मध्य प्रदेश के कई शहरों में ग्रुप की जमीन की बिक्री में कथित अनियमितताओं के लिए सहारा ग्रुप के अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जुलाई 2025 में एजेंसी ने नौ ऑपरेशनल फर्मों और चार फर्जी कंपनियों से जुड़े एक अंतर-राज्यीय GST-ITC रैकेट का भंडाफोड़ किया। मध्य प्रदेश के अलावा, यह घोटाला पड़ोसी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र तक फैला हुआ था। इससे पहले, पुलिस ने मुख्य आरोपी विनोद सहाय को गिरफ्तार किया था और 512 करोड़ रुपये के फर्जी चालान बरामद किए थे।
नवंबर में EOW ने 35.75 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी के मामले में DG मिनरल्स और मां सीमेंटेक प्राइवेट लिमिटेड के एक डायरेक्टर के घर और ऑफिस पर तलाशी ली। पहली बार, EOW के अधिकारियों ने तलाशी के दौरान दस्तावेजों और अन्य सबूतों के साथ 44 जिंदा कारतूस जब्त किए। सहारा ग्रुप के अधिकारियों पर संपत्तियों के कथित तौर पर बहुत कम मूल्यांकन और धोखाधड़ी से बिक्री के आरोप में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया।
EOW के अनुसार, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और कटनी जैसे शहरों में लगभग 1,000 करोड़ रुपए की जमीन सिर्फ 120 करोड़ रुपए में बेची गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए एजेंसी ने मामले में पूछताछ के लिए सहारा के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया।
वर्षवार की गई कार्रवाई
2023 : FIR-67, ट्रैप-3, आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले-3, शिकायतें दर्ज-348, शिकायतें सुलझाई गईं-208
2024 : FIR-50, ट्रैप-3, DA केस-1, शिकायतें दर्ज-340, शिकायतें सुलझाई गईं-212
2025 : FIR-172, ट्रैप-29, DA केस-11, शिकायतें दर्ज-873 और शिकायतें सुलझाई गईं-423
