भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने होली से ठीक पहले बाजार से 6,300 करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया है। यह कदम राज्य के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) देने से पहले उठाया गया है। इस 6,300 करोड़ रुपए के नए लोन के साथ चालू वित्त वर्ष (2025-26) में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज अब 79,100 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। चालू वित्तीय वर्ष में सरकार ने लगभग हर महीने बाजार से ऋण लिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने यह राशि विकास कार्यों और कर्मचारियों के लंबित डीए (DA) भुगतान जैसी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने के लिए जुटाई है। सरकार पिछले कुछ समय से लगातार अंतराल पर कर्ज ले रही है। उदाहरण के लिए, इससे पहले 26 मार्च को भी 5,000 करोड़ का लोन लिया गया था। वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार पर कुल कर्ज का बोझ 4 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है।
कर्ज का बोझ
मध्य प्रदेश सरकार पर वर्तमान में कर्ज का बोझ काफी बढ़ गया है। 3 मार्च 2026 तक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, राज्य पर कुल कर्ज लगभग 5.31 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। पिछले कुछ वर्षों और हालिया वित्तीय वर्ष (2025-26) में भी कर्ज लिए गए हैं।
वर्षवार कुल कर्ज की स्थिति
2025-26 (संशोधित अनुमान): मार्च 2026 के अंत तक कुल कर्ज 5,31,012.8 करोड़ होने का अनुमान है।
2024-25: 31 मार्च 2025 तक राज्य पर कुल कर्ज ₹4,21,740.27 करोड़ था।
22 साल में 16 गुना बढ़ा कर्ज
मालूम हो कि दिग्विजय सिंह सरकार के समय (2003 के आसपास) यह कर्ज लगभग 20,000 करोड़ था, जो पिछले 20-22 वर्षों में करीब 16 गुना बढ़ गया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में लिया गया मासिक कर्ज (प्रमुख किस्तें)
मई 2025: 5,000 करोड़
जून 2025: 4,500 करोड़
जुलाई 2025: 9,100 करोड़ (दो किस्तों में: 4,800 और 4,300)
अगस्त 2025: 8,800 करोड़ (दो किस्तों में: 4,000 और 4,800)
सितंबर 2025: 10,000 करोड़ (3 किस्त: 4,000, 3,000, 3,000)
अक्टूबर 2025: 5,200 करोड़
नवंबर 2025: 4,000 करोड़
दिसंबर 2025: 6,500 करोड़ (दो किस्तों में: 3,000 और 3,500)
जनवरी 2026: 4,000 करोड़
फरवरी 2026: 20,800 करोड़ से अधिक (कई किस्तों में, जिसमें 5,200, 5,000 और 5,600 करोड़ शामिल हैं)
ब्याज भुगतान:
राज्य सरकार प्रति वर्ष लगभग 27,000 करोड़ केवल ब्याज के रूप में चुका रही है।
कर्ज का कारण:
सरकार का कहना है कि यह ऋण बुनियादी ढांचा विकास (Infrastructure Development) और जनकल्याणकारी योजनाओं (जैसे लाड़ली बहना योजना) के सुचारू संचालन के लिए लिया जा रहा है।
सीमा:
सरकार के अनुसार, ये सभी ऋण निर्धारित ऋण सीमा (Borrowing Limit) के भीतर ही लिए जा रहे हैं।
