डेस्क। मौजूदा दौर में दुनिया तेजी से बदल रही है। इसके साथ ही लोगों की दिनचर्या के साथ सोचने और समझने का तरीका भी तेजी से बदल रहा है। परंपरागत होली के बजाय अब लोग भी नए ट्रेंड के हिसाब से होली मना रहे हैं। 2026 में होली के अवसर पर लोग मुख्य रूप से ट्रेंडिंग गैजेट्स, धार्मिक आयोजनों और यात्रा स्थलों के बारे में सबसे ज्यादा जानकारी खोज रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लेटेस्ट गैजेट्स और एक्सेसरीज
XXL साइज पिचकारी: इस साल लोग बड़े आकार की और आधुनिक तकनीक वाली पिचकारियों में काफी रुचि दिखा रहे हैं। Navbharat Times के अनुसार, इंस्टामार्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ‘कलर ब्लास्ट टेक पिचकारी’ जैसे गैजेट्स ट्रेंड कर रहे हैं।
धार्मिक और ज्योतिषीय अपडेट
चंद्रग्रहण 2026: इस बार होली पर चंद्र ग्रहण का साया होने के कारण लोग इसके समय और सूतक काल के बारे में सबसे ज्यादा सर्च कर रहे हैं।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त: लोग दहन के सही समय और इससे जुड़ी परंपराओं के वीडियो देख रहे हैं।
ट्रेंडिंग ट्रैवल डेस्टिनेशंस
लोग इस बार घर से बाहर होली मनाने के लिए निम्नलिखित जगहों को सबसे ज्यादा सर्च कर रहे हैं।
मथुरा और वृंदावन: ब्रज की पारंपरिक होली हमेशा की तरह टॉप सर्च में है।
काशी (वाराणसी): यहां की मसान होली और गंगा घाट के आयोजनों के बारे में काफी सर्च किया जा रहा है।
पुष्कर: राजस्थान के पुष्कर में होने वाली ‘कलर फेस्टिवल’ पार्टी के लिए भी काफी सर्च वॉल्यूम देखा गया है।
खान-पान और रेसिपी
पारंपरिक व्यंजन: होली की विशेष मिठाई गुजिया और कांजी वड़ा बनाने के तरीके सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं।
ठंडाई: होली के खास पेय ‘ठंडाई’ की विभिन्न रेसिपीज भी ट्रेंडिंग हैं।
सोशल मीडिया और मनोरंजन
रील्स और शॉर्ट वीडियो: लोग इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर ‘ब्रज की होली’ के वीडियो और होली से जुड़ी फनी क्लिप्स (जैसे “Gen-Z का होली प्लान”) देख रहे हैं।
स्किन केयर टिप्स: होली के पक्के रंगों से त्वचा और बालों को बचाने के तरीके और हर्बल गुलाल की मांग भी काफी अधिक है।
दुनिया में कहां—कहां और कितने लोग मनाते हैं होली
होली अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के कई देशों में करोड़ों लोगों द्वारा मनाई जाती है। मुख्य रूप से यह त्योहार उन देशों में बहुत लोकप्रिय है जहाँ भारतीय मूल के लोग (प्रवासी भारतीय) बड़ी संख्या में रहते हैं।
दुनिया में कहाँ-कहाँ मनाई जाती है होली?
भारत के अलावा, निम्नलिखित देशों में होली का उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।
नेपाल: भारत के बाद सबसे अधिक उत्साह नेपाल में देखा जाता है, जहां इसे ‘फागु पूर्णिमा’ कहा जाता है। यहां यह एक राष्ट्रीय त्योहार है।
मॉरीशस: यहां की लगभग 50% आबादी भारतीय मूल की है, इसलिए होली यहां एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाई जाती है।
फिजी: यहां इसे ‘फागुआ’ के नाम से जाना जाता है और पारंपरिक लोक गीतों (चौताल) के साथ मनाया जाता है।
त्रिनिदाद और टोबैगो: कैरेबियाई द्वीपों में बसे भारतीय समुदाय के लोग इसे अपनी संस्कृति का हिस्सा मानते हैं।
अमेरिका और ब्रिटेन: न्यूयॉर्क, लंदन और लीसेस्टर जैसे शहरों में भारतीय समुदाय और स्थानीय लोग मिलकर बड़े पार्कों में होली का जश्न मनाते हैं।
पाकिस्तान और बांग्लादेश: यहां के हिंदू समुदाय के लोग अपनी परंपराओं के अनुसार इसे मनाते हैं।
अन्य देश: इसके अलावा सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, गुयाना, सूरीनाम, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया में भी होली खेली जाती है।
दुनिया भर में 1.25 अरब से अधिक लोग मनाते हैं रंगों का त्योहर
होली मनाने वाले लोगों की संख्या का कोई एक सटीक सरकारी आंकड़ा नहीं है, लेकिन इसके विस्तार को इस प्रकार समझा जा सकता है:
भारत में: भारत की लगभग 140 करोड़ की आबादी में से बहुसंख्यक (हिंदू, सिख, जैन और अन्य समुदाय) होली मनाते हैं।
दुनिया भर में: प्यू रिसर्च सेंटर और अन्य स्रोतों के अनुसार, दुनिया में लगभग 1.2 अरब (120 करोड़) हिंदू हैं, जिनमें से अधिकांश होली मनाते हैं।
गैर-भारतीय: पिछले कुछ वर्षों में होली का ‘कलर रन’ और ‘फेस्टिवल ऑफ कलर्स’ जैसे आयोजनों के कारण पश्चिमी देशों में भी लाखों गैर-भारतीय लोग इसमें शामिल होने लगे हैं।
संक्षेप में यह कहना गलत नहीं होगा कि दुनिया भर में 1.25 अरब से भी अधिक लोग किसी न किसी रूप में इस रंगों के त्योहार को मनाते हैं।
100 साल बद ऐसा दुर्लभ संयोग
होली के त्योहार पर चंद्र ग्रहण का साया एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जो कई दशकों के अंतराल पर होती है। ऐतिहासिक और वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, होली और ग्रहण का संयोग निम्नलिखित वर्षों में देखा गया है।
2026 (वर्तमान वर्ष): 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा, जो भारत में भी दिखाई देगा। ग्रहण के कारण इस बार रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जा रही है।
2025: पिछले वर्ष 14 मार्च 2025 को भी होली के दिन चंद्र ग्रहण लगा था। हालांकि, वह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं था।
2007: इस साल भी होली के पावन पर्व पर चंद्र ग्रहण का साया रहा था, जिसे लेकर काफी चर्चा हुई थी।
1998: 13 मार्च 1998 को होली के दिन ‘उपच्छाया चंद्र ग्रहण’ (Penumbral Lunar Eclipse) लगा था, जिसमें चंद्रमा पर धुंधली छाया दिखाई दी थी।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 100 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है जब लगातार कुछ वर्षों के अंतराल पर होली और ग्रहण एक साथ पड़ रहे हैं।
