भोपाल। मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामलों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सागर और देवास जिले के कलेक्टरों तथा पुलिस अधीक्षकों को बदल दिया गया है। 27 अक्टूबर को जारी आदेशों के तहत दोनों जिलों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन बदलावों को जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, तबादला आदेशों में इन घटनाओं को अधिकारियों को हटाने का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सागर जिले में कलेक्टर प्रतिभा पाल को मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। उनकी जगह दिलीप कुमार यादव को सागर का नया कलेक्टर बनाया गया है। दिलीप कुमार यादव इससे पहले पर्यटन विकास निगम में प्रबंध संचालक के पद पर पदस्थ थे।
पुलिस विभाग में सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर भेजा गया है। उनकी जगह संजीव कुमार सिन्हा को सागर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। संजीव कुमार सिन्हा इससे पहले ग्वालियर में 14वीं वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल के सेनानी के रूप में कार्यरत थे।
देवास में नेहा मीना नई कलेक्टर, आदित्य मिश्रा बने एसपी
देवास जिले में भी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के पद पर बदलाव किया गया है। कलेक्टर ऋतुराज को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह सिवनी की कलेक्टर नेहा मीना को देवास की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, देवास के पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत को पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। उनकी जगह बालाघाट के पुलिस अधीक्षक रहे आदित्य मिश्रा को देवास का नया एसपी बनाया गया है।
इन बदलावों के साथ सिवनी जिले में भी प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। नेहा मीना की जगह अंजू अरुण कुमार को सिवनी का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। अंजू अरुण कुमार इससे पहले पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं।
देवास शराब कांड में मौतों को लेकर उठे सवाल
देवास जिले में चंदाना और बिंजाना क्षेत्र में संदिग्ध शराब से जुड़ी मौतों के मामले ने प्रशासन और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अक्टूबर में इन क्षेत्रों में 13 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई। मृतकों के परिजनों ने कुछ मामलों में जहरीली शराब के सेवन का आरोप लगाया है। हालांकि, सभी मौतों का कारण जहरीली शराब होना जांच से स्थापित होना बाकी है।
मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है और जांच के लिए समिति गठित किए जाने की भी खबर है। शराब की आपूर्ति, बिक्री और निगरानी में संभावित लापरवाही की जांच इस प्रकरण का महत्वपूर्ण पहलू है।
सागर के बंडा में भी जहरीली शराब कांड
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में भी प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई पहले से जारी है। शुरुआती रिपोर्टों में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के अस्पताल पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। जांच के दौरान शराब में मिथाइल अल्कोहल की आशंका भी जताई गई थी। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी तथा अवैध शराब के नेटवर्क की जांच की गई।
सागर और देवास में हुई घटनाओं ने अवैध शराब की बिक्री रोकने, लाइसेंसी दुकानों की निगरानी और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्रशासनिक फेरबदल से जवाबदेही पर नजर
दोनों जिलों के कलेक्टरों और एसपी के तबादलों के बाद अब नए अधिकारियों के सामने अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई, जांच में तेजी और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की चुनौती होगी। हालांकि, अधिकारियों के तबादले अपने आप में किसी की जिम्मेदारी या दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं हैं। वास्तविक जवाबदेही जांच के निष्कर्षों, विभागीय कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी।

अंजू अरुण कुमार का 10 दिन में दो बार ट्रांसफर
अंजू अरुण कुमार की पिछले 10 दिनों में दूसरी बार नई पदस्थापना की गई है। नवरात्र में उन्हें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में भेजा गया था। इससे पहले वे भोपाल स्मार्ट सिटी की सीईओ थीं और उनके पास भोपाल नगर निगम के अपर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी था। अंजू अरुण कुमार, जबलपुर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा की पत्नी हैं। उन्हें जबलपुर के समीप एवं संभाग के सिवनी जिले का कलेक्टर बनाया गया है। पहले इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और उनकी पत्नी एवं बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह की पदस्थापना भी इंदौर संभाग में की गई थी।

