भोपाल। विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को 17 दिसंबर को होने वाले विधानसभा के स्पेशल सेशन की तैयारियों का रिव्यू किया। सेशन के दौरान उन्होंने प्रिंसिपल सेक्रेटरी अरविंद शर्मा और विधानसभा सेक्रेटेरिएट के अधिकारियों को सिक्योरिटी अरेंजमेंट और बैठने के अरेंजमेंट के बारे में निर्देश दिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विधानसभा सचिवालय ने बैठक में शामिल होने वाले MLA को सेशन की सूचना भेज दी है। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने मीटिंग का एजेंडा भी फाइनल कर दिया है। कांग्रेस, BJP और दूसरी पार्टियों के नेता मध्य प्रदेश के डेवलपमेंट पर अपने विचार रखेंगे। मीटिंग में मध्य प्रदेश को एक डेवलप्ड, खुशहाल और आत्मनिर्भर राज्य बनाने पर चर्चा होगी, जिसमें कांग्रेस और BJP, हर पार्टी के दस-दस MLA को बोलने का मौका दिया जाएगा।
दरअसल, 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के बाद 1952 में पहले आम चुनाव हुए, जिससे पार्लियामेंट और लेजिस्लेटिव असेंबली का कामकाज शुरू हुआ। एडमिनिस्ट्रेटिव मकसद के लिए इन्हें कैटेगरी में बांटा गया था। 1956 में राज्यों के रीऑर्गेनाइज़ेशन के बाद, 1 नवंबर, 1956 को नया राज्य मध्य प्रदेश बनाया गया। इसके मेंबर राज्य मध्य प्रदेश, मध्य भारत, विंध्य प्रदेश और भोपाल थे, जिनमें से हर एक की अपनी लेजिस्लेटिव असेंबली थी।
मध्य प्रदेश बनने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा, मध्य भारत विधानसभा, विंध्य प्रदेश विधानसभा और भोपाल विधानसभा, जो पहले से मौजूद थीं, उन्हें मिला दिया गया। पहली मध्य प्रदेश विधानसभा 1 नवंबर, 1956 को बनी। इसका पहला सेशन 17 दिसंबर, 1956 को और आखिरी सेशन 17 जनवरी, 1957 को हुआ था।
