नई दिल्ली। देश के हर राज्य में बड़ी संख्या में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, जिनसे लाखों लोग सफर करते हैं। अगर आप भी नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं, तो कल से नियमों में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। हम आपको बता रहे हैं कि 10 अप्रैल से किस तरह के बदलाव लागू हो रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नए नियमों के लागू होने से देश भर के सभी नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने के लिए ज़्यादा सावधानी बरतनी होगी। केंद्र सरकार कल से इन नियमों में बदलाव करेगी, जिससे इन रास्तों पर सफर करना और मुश्किल हो जाएगा।
क्या होगा बदलाव?
केंद्र सरकार कल से एक नया सिस्टम लागू करेगी, जिसके मुताबिक अब टोल टैक्स का पेमेंट कैश से नहीं लिया जाएगा। इसकी जगह टोल प्लाजा पर पेमेंट सिर्फ UPI या FASTag से ही किया जाएगा।
UPI से सफर करना और महंगा हो जाएगा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, FASTag के बजाय UPI का इस्तेमाल करके टोल टैक्स देने पर ज़्यादा फीस लगेगी। अगर टोल प्लाज़ा पर FASTag का इस्तेमाल करके 200 रुपए का पेमेंट किया जाता है, तो UPI का इस्तेमाल करके पेमेंट करने पर 250 रुपए लगेंगे।
सरकार ने भारत में सभी तरह की गाड़ियों, जिसमें कार, बस और ट्रक शामिल हैं, के लिए FASTag को बहुत पहले ही ज़रूरी कर दिया है। FASTag से नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करना काफ़ी आसान हो जाता है। टोल टैक्स कुछ ही सेकंड में पे किया जा सकता है, जिससे कैश पे करने में लगने वाला समय बचता है।
नई टेक्नोलॉजी जल्द ही शुरू की जाएगी
अभी, टोल प्लाज़ा पर पेमेंट करने के लिए रुकना पड़ता है, लेकिन जल्द ही, मल्टी-लेन फ्री फ़्लो (MLFF) टेक्नोलॉजी लागू की जाएगी। इसमें AI-बेस्ड ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR), सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और मौजूदा FASTags को इंटीग्रेट किया जाएगा। इसका मतलब है कि गाड़ियों को टोल प्लाज़ा पर रुकने की ज़रूरत नहीं होगी और वे 80 km/h तक की स्पीड से भी टोल पार कर सकेंगी।
टोल टैक्स
टोल टैक्स के नियमों में हाल ही में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य यात्रा को सुगम और पूरी तरह डिजिटल बनाना है।
मुख्य अपडेट और नए नियम (अप्रैल 2026 के अनुसार)
नकद भुगतान पर रोक
10 अप्रैल 2026 से सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर नकद (Cash) भुगतान पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही भुगतान स्वीकार किया जाएगा।
बिना FASTag वाली गाड़ियों पर जुर्माना
जिन वाहनों में FASTag नहीं है या वह काम नहीं कर रहा है, उन्हें UPI के माध्यम से 1.25 गुना (सवा गुना) टोल टैक्स देना होगा। पहले यह जुर्माना दोगुना (2 गुना) था।
सड़क निर्माण के दौरान छूट
यदि किसी 2-लेन के हाईवे को 4-लेन या उससे अधिक चौड़ा किया जा रहा है, तो निर्माण कार्य पूरा होने तक यात्रियों को टोल में 70% की छूट मिलेगी, यानी केवल 30% टोल ही देना होगा।
स्थानीय निवासियों के लिए रियायत
यदि आपका घर टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में है, तो आप निवास प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड या बिजली बिल) दिखाकर टोल में छूट या रियायती पास प्राप्त कर सकते हैं।
नया वार्षिक पास
नियमित यात्रियों के लिए 3,000 रुपए का वार्षिक पास शुरू किया गया है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों पर साल भर में सीमित/असीमित यात्राओं की सुविधा देता है।
टोल दरों में बदलाव
आधार वर्ष में बदलाव
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल गणना के लिए आधार वर्ष 2004-05 से बदलकर 2011-12 कर दिया है। इस बदलाव से छोटी गाड़ियों के टोल में 5 से 10 रुपए तक की कमी आने की उम्मीद है।
बिना रुके टोल भुगतान (MLFF)
सरकार 25 टोल प्लाजा पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम शुरू कर रही है, जहाँ बिना बैरियर के वाहन सीधे निकल सकेंगे और टोल सीधे FASTag से कट जाएगा।
