भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए एक रोडमैप को अंतिम रूप दिया है। संगठन निर्माण अभियान का तीसरा चरण मध्य प्रदेश में 1 जनवरी से 15 फरवरी, 2026 तक चलेगा, जिसके दौरान मंडल, पंचायत और वार्ड समितियां बनाई जाएंगी। यह फैसला शुक्रवार को राज्य कांग्रेस कार्यालय में हुई राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में तय किया गया कि “गांव चलो – बूथ चलो” अभियान के तहत कार्यकर्ता गांवों से बूथों तक पहुंचेंगे। संगठनात्मक बातचीत बूथ से मंडल, मंडल से ब्लॉक और ब्लॉक से जिला स्तर तक की जाएगी। इस दौरान पार्टी के कार्यक्रमों के साथ-साथ बीजेपी सरकार की नाकामियों को भी तथ्यों के साथ जनता के सामने पेश किया जाएगा। यह अभियान हर छह महीने में नियमित रूप से चलाया जाएगा।
65,000 BLAs का क्या होगा
राज्य प्रभारी हरीश चौधरी ने बैठक में कहा, हमने 65,000 बूथ लेवल एजेंट (BLAs) नियुक्त किए हैं, लेकिन अगर हम उन्हें बुलाएंगे तो क्या वे आएंगे? सूत्रों के मुताबिक, उनका मकसद यह पता लगाना था कि नियुक्तियां असली और सक्रिय हैं या नहीं। संगठनात्मक पदाधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है और बुलाए जाने पर सभी BLA सक्रिय रहेंगे। चौधरी ने कहा कि SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी और गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसमें कई योग्य लोगों के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि कुछ अयोग्य नाम अभी भी लिस्ट में हैं।
दिग्विजय सिंह ने गांव-गांव संपर्क के लिए फ्रेमवर्क पेश किया
बैठक में दिग्विजय सिंह ने गांव-गांव संपर्क कार्यक्रम के लिए फ्रेमवर्क पेश किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आम लोगों के साथ सीधा संवाद बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यकर्ता बूथों पर जाएं, गांवों में रात बिताएं, लोगों से मिलें और उनकी समस्याएं सुनें। उन्हें बीजेपी सरकार की पॉलिसी और एडमिनिस्ट्रेटिव नाकामियों को तथ्यों के साथ पेश करना चाहिए। इस प्रस्ताव को मीटिंग में सर्वसम्मति से मान लिया गया।
पूरा संगठन 22 जनवरी तक दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया में हिस्सा लेगा। दिल्ली और राज्य कांग्रेस टीमों ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बारे में एक प्रेजेंटेशन दिया। यह तय किया गया कि सीनियर नेताओं से लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक, सभी दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया में शामिल होंगे, जो 22 जनवरी तक चलेगी। वे हर वोटर से संपर्क करके यह वेरिफाई करेंगे कि नाम सही तरीके से हटाए गए हैं या गलत तरीके से।
60 सीटों पर वोट चोरी के आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, जिन सीटों पर बीजेपी एक लाख, पचास हजार या चालीस हजार वोटों के अंतर से जीती है, वे वही सीटें हैं जहां वोटर लिस्ट से सबसे ज्यादा नाम हटाए गए। पटवारी ने दावा किया कि ऐसा लगभग 60 विधानसभा सीटों पर हुआ, जो साफतौर पर दिखाता है कि 2023 का चुनाव वोट चोरी करके जीता गया था। उन्होंने कहा कि कोर्ट जाने समेत सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, और हर कांग्रेस कार्यकर्ता बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ मिलकर वोटर लिस्ट को वेरिफाई करेगा।
अभी से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी
विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा, सरकार आसानी से नहीं बनेगी। अगले साल संगठन को बूथ लेवल तक पहुंचना होगा। 2027 से सभी को चुनावों में पूरी तरह से लगना होगा। वहीं बैठक में विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा, हमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदायों का समर्थन हासिल करना होगा। अगर ये ग्रुप हमारे साथ आते हैं, तो हमें सरकार बनाने से कोई नहीं रोक पाएगा।
