भोपाल। मध्य प्रदेश (मप्र) के आईएएस (IAS) अधिकारियों की अचल संपत्ति का विवरण केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (DoPT) ने सार्वजनिक कर दिया है। वर्ष 2025-26 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, कई अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, जबकि कुछ के पास अपना घर या जमीन भी नहीं है। हालांकि, कुछ अधिकारियों ने अपने नाम पर एक भी अचल संपत्ति घोषित नहीं की है। घोषित विवरण में कृषि भूमि, आवासीय फ्लैट, भूखंड और व्यावसायिक परिसंपत्तियां शामिल हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रमुख आईएएस अधिकारियों की संपत्ति का विवरण (2025-26)
मनु श्रीवास्तव (अपर मुख्य सचिव): ये मध्य प्रदेश के सबसे अमीर आईएएस अधिकारी बताए गए हैं। इनके पास प्रयागराज और नोएडा जैसे शहरों में लगभग 19.50 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है।
विवेक अग्रवाल (एसीएस स्तर): इनके पास सबसे अधिक कृषि भूमि है। इनके पास इंदौर, भोपाल, और पंजाब के विभिन्न शहरों में कुल 65 एकड़ जमीन, 3 मकान और 6 दुकानें हैं।
अशोक बर्णवाल (एसीएस): इनकी संपत्ति की कीमत लगभग 7.50 करोड़ रुपए है। खास बात यह है कि ये अपनी संपत्तियों (किराये आदि) से सबसे अधिक सालाना आय (23.68 लाख रुपए) प्राप्त करने वाले अधिकारी हैं।
अलका उपाध्याय: रिपोर्ट के अनुसार इनके पास लगभग 2,000 हेक्टेयर जमीन है और संपत्ति के किराये से इनकी सालाना कमाई करीब 41 लाख रुपए है।
संजय दुबे (एसीएस): इनके और इनकी पत्नी के नाम पर लगभग 4.68 करोड़ रुपए की संपत्ति दर्ज है। इनके पास टीकमगढ़ में 10 हेक्टेयर कृषि भूमि और भोपाल में एक फ्लैट है।
अनुराग जैन (मुख्य सचिव): इनकी अचल संपत्ति की कीमत लगभग 2.74 करोड़ रुपए बताई गई है।
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
बिना संपत्ति वाले अधिकारी: प्रदेश के लगभग 100 आईएएस अधिकारी ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उनके पास न तो खुद का मकान है और न ही कोई प्लॉट या खेती की जमीन।
विवेक श्रोत्रिय (टीकमगढ़ कलेक्टर): जिला प्रमुखों (कलेक्टर्स) में ये सबसे धनी अधिकारियों में शामिल हैं, जिनकी संपत्ति का मूल्य करीब 2.30 करोड़ रुपए है (जो पिछले साल 6.20 करोड़ रुपए था)।
संपत्ति का स्रोत: अधिकांश अधिकारियों ने अपनी संपत्ति को पैतृक, बचत से खरीदी हुई या बैंक लोन के माध्यम से अर्जित बताया है।
ये भी महत्वपूर्ण
एसीएस अशोक बर्णवाल को हर साल 23.68 लाख की आय
अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और उनकी पत्नी के नाम कुल मिलाकर लगभग 6.5 करोड़ की अचल संपत्ति दर्ज है। इनमें से करीब 5.30 करोड़ की संपत्तियों से उन्हें हर साल 23.68 लाख रुपए की आय होती है। भोपाल के बिशनखेड़ी गांव में दो कृषि भूखंड, प्रत्येक की कीमत करीब 75 लाख। बावड़ियां कला स्थित रॉयल विला में 223 वर्ग मीटर का फ्लैट, कीमत लगभग 80 लाख। इंद्रधनुष टावर में 211 वर्ग मीटर का फ्लैट, कीमत करीब 1.50 करोड़। इसी परिसर में 416 वर्ग मीटर का व्यावसायिक स्पेस, कीमत करीब 3 करोड़, जिससे सालाना 19.20 लाख की आय होती है।
एसीएस संजय दुबे की संपत्ति 4.68 करोड़
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और उनकी पत्नी रचना दुबे के नाम कुल 4.67 करोड़ की अचल संपत्ति दर्ज है। टीकमगढ़ जिले में 10 हेक्टेयर कृषि भूमि। भोपाल के न्यू मार्केट में 1700 वर्गफुट का आवासीय फ्लैट। बर्रई क्षेत्र में कृषि भूमि। शाहपुरा और भोपाल में दो आवासीय भवन। इन संपत्तियों से उन्हें सालाना करीब 41.34 लाख की आय होती है।
राजेश राजौरा की संपत्ति में कृषि भूमि का दबदबा
अपर मुख्य सचिव ने कुल 1 करोड़ 73 लाख की संपत्ति घोषित की है। भोपाल के डरी और सेमरी गांव में कृषि भूमि। गुजरात के अहमदाबाद में करीब 50 लाख का कार्यालय स्पेस।
मनीष रस्तोगी के नाम एक भी संपत्ति नहीं
अपर मुख्य सचिव (वित्त) मनीष रस्तोगी ने अपने नाम कोई अचल संपत्ति घोषित नहीं की है। हालांकि उनकी पत्नी दीपाली रस्तोगी के नाम रायसेन जिले के गौहरगंज क्षेत्र में करीब 27.94 लाख रुपए की कृषि भूमि दर्ज है।
कलेक्टरों की संपत्ति भी आई सामने
शिवम वर्मा (इंदौर कलेक्टर) – अपने नाम कोई संपत्ति नहीं
राघवेंद्र सिंह – यूपी के महाराजगंज में कृषि भूमि
कौशलेंद्र विक्रम सिंह – पत्नी के नाम लखनऊ में 1.5 करोड़ रुपए का प्लॉट
ग्वालियर और उज्जैन कलेक्टर की संपत्ति
रुचिका चौहान – कुल संपत्ति लगभग 68 लाख रुपए
रौशन कुमार सिंह – लखनऊ और भोपाल में कुल 80 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति
हर IAS अधिकारी को हर साल देना होता है संपत्ति का ब्योरा
IAS अधिकारियों के लिए हर वर्ष अपनी अचल संपत्तियों का विवरण केंद्र सरकार को देना अनिवार्य होता है। इसमें यह बताया जाता है कि संपत्ति कब खरीदी गई, उसकी वर्तमान अनुमानित कीमत क्या है और उससे कितनी वार्षिक आय होती है। सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 के लिए अधिकांश अधिकारियों ने समय पर विवरण जमा कर दिया है।
