भोपाल। डायरेक्टरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ED) भोपाल ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रोविजन के तहत मध्य प्रदेश के जबलपुर के ट्राइबल वेलफेयर डिपार्टमेंट के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जगदीश प्रसाद सरवटे की 11.81 करोड़ रुपए की अचल प्रॉपर्टी को प्रोविजनल रूप से अटैच किया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अधिकारियों ने बताया कि यह जांच इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW), जबलपुर द्वारा इनकम के ज्ञात सोर्स से ज्यादा संपत्ति जमा करने के लिए दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी।
ED की जांच में पता चला कि सरवटे ने जबलपुर में डिपार्टमेंट में काम करते हुए गलत तरीके से कमाए गए पैसे से चेक पीरियड के दौरान कई अचल प्रॉपर्टी खरीदीं। इन प्रॉपर्टी में भोपाल, मंडला, उमरिया और सिवनी जिलों में रहने की प्रॉपर्टी, खेती की जमीन, कमर्शियल ज़मीन और एक रेस्टोरेंट शामिल हैं। कई प्रॉपर्टी भारी कैश पेमेंट से खरीदी गईं, जबकि कुछ को बिना बताए कैश डिपॉजिट का इस्तेमाल करके लोन चुकाकर फाइनेंस किया गया।
जांच में पहली नज़र में यह पता चला कि सरवटे ने अपने ऑफिशियल पद का गलत इस्तेमाल करके अपराध से पैसे कमाए और अचल संपत्तियों में प्लेसमेंट, लेयरिंग और इंटीग्रेशन के जरिए फंड को लॉन्ड्र किया, जिससे दागी पैसे को असली संपत्ति के तौर पर दिखाया गया।
ट्रांसफर या डिस्पोजल को रोकने और जब्त करने की कार्रवाई को सुरक्षित करने के लिए ED ने 11.81 करोड़ रुपए की नौ अचल प्रॉपर्टी को प्रोविजनल रूप से अटैच किया है।
ईडी की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश (MP) में कई बड़े वित्तीय घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में सक्रिय कार्रवाई की है।
वर्षवार प्रमुख कार्यवाहियां (2024-2026)
2026 (अब तक)
IAS अरविंद जोशी मामला: जनवरी 2026 में दिवंगत IAS अधिकारी अरविंद जोशी की 42 करोड़ की बेनामी संपत्ति के मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 5 करोड़ की अचल संपत्ति (प्लॉट, रिसॉर्ट) जब्त की गई।
जबलपुर ARTO मामला: जनवरी 2026 में ही जबलपुर के ARTO संतोष पाल और उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में ₹4 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई.
2025:
विवाह सहायता योजना घोटाला: अक्टूबर 2025 में भोपाल, विदिशा, और छतरपुर सहित 7 स्थानों पर छापेमारी हुई। इसमें सिरोंज के तत्कालीन जनपद CEO शोभित त्रिपाठी पर 30 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है।
शिक्षा विभाग घोटाला (अलीराजपुर): सितंबर 2025 में कट्ठीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों के खिलाफ 20.47 करोड़ के गबन के मामले में कार्रवाई हुई। मुख्य आरोपी कमल राठौर को अगस्त 2025 में गिरफ्तार किया गया।
शराब ठेकेदार मामला: अप्रैल 2025 में भोपाल, इंदौर और मंदसौर में 11 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें ट्रेजरी चालान में हेरफेर कर 49.42 करोड़ के राजस्व नुकसान का आरोप था।
जेल अधिकारी मामला: जनवरी 2025 में तत्कालीन DIG (जेल) उमेश कुमार गांधी और उनके परिवार की 4.68 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई।
2024:
बैंक ऋण धोखाधड़ी: नवंबर 2024 में भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) फर्म और अन्य ठिकानों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में छापेमारी हुई।
नारायण निर्यात इंडिया प्रा.लि.: जून 2024 में इंदौर, रतलाम और मंदसौर में 26.53 करोड़ की 34 संपत्तियां कुर्क की गईं। यह मामला 113.51 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा था।
महत्वपूर्ण आंकड़े
दोषसिद्धि दर: ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में 2025 के अंत तक 94.82% की दोषसिद्धि दर हासिल करने का दावा किया है।
अटैचमेंट: वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान देशभर में ED ने 30,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की है।
राजनीतिक आंकड़े: पिछले 10 वर्षों में देशभर में 193 नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इनमें से केवल 2 में ही दोषसिद्धि हुई है।
