नई दिल्ली। एयर इंडिया के बाद इंडिगो की फ्लाइट्स भी 14 मार्च 2026 से महंगी हो जाएंगी। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह सभी डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाएगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एयरलाइन ने कहा कि ईरान और US-इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में 85% की बढ़ोतरी हुई है। इसलिए, डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट टिकट पर 425 से 2300 रुपए तक का सरचार्ज लगाया जाएगा। एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज सहित नई टिकट कीमतें 14 मार्च को रात 12 बजे से लागू होंगी।
इसलिए लगाया गया सरचार्ज
इंडिगो ने यात्रियों पर बोझ कम करने के लिए अलग-अलग दूरियों के आधार पर चार्ज तय किए हैं। कंपनी ने कहा कि जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण बढ़े हुए खर्चों को कवर करने के लिए किराए में बड़ी बढ़ोतरी जरूरी थी। इंडिगो ने कहा कि वह हालात पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर इन चार्ज को एडजस्ट करेगा।
एयर इंडिया की डोमेस्टिक फ्लाइट्स भी महंगी
एयर इंडिया 12 मार्च से डोमेस्टिक फ्लाइट टिकट पर 399 रुपए का फ्यूल सरचार्ज लगा रही है। इंटरनेशनल फ्लाइट के किराए में भी लगभग 15% की बढ़ोतरी की गई है। जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण दुनिया भर की बड़ी एयरलाइन कंपनियों ने भी टिकट की कीमतें बढ़ा दी हैं। कई तो अपने विमान उड़ाने बंद करने की भी योजना बना रही हैं।

जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हुईं
28 फरवरी से शुरू हुए ईरान-इजराइल युद्ध और बंद किए गए होर्मुज रूट ने तेल सप्लाई चेन को बुरी तरह बाधित कर दिया है। नतीजतन, कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें आज $101 प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं। हाल ही में, इसकी कीमत लगभग $120 प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।
संघर्ष शुरू होने के बाद से कई देशों में जेट फ्यूल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। युद्ध से पहले, जेट फ्यूल की कीमतें लगभग $85 से $90 प्रति बैरल थीं, जो अब बढ़कर $150 से $200 प्रति बैरल के बीच हो गई हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से दुनिया भर में 40,000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल भी हुई हैं।
जेट फ्यूल एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च
जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों की वजह से दुनिया भर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट की कीमतें बढ़ाई हैं, बल्कि अपने भविष्य के फ़ाइनेंशियल नजरिए में भी बदलाव किया है। जेट फ्यूल एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च है, जो कुल ऑपरेटिंग खर्च का 30% से 40% है।
तेल की कीमतों में इस अचानक बदलाव ने एयरलाइन बजट को बिगाड़ दिया है। एयर न्यूज़ीलैंड और क्वांटास जैसी बड़ी कंपनियों ने भी साफ़ कर दिया है कि वे बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगी।
ये एयरलाइंस भी महंगा कर चुकी टिकट
मार्च 2026 की ताज जानकारी के अनुसार, मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों के कारण एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइनों ने फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) बढ़ा दिया है, जिससे हवाई यात्रा महंगी हो गई है।
वर्तमान किराया वृद्धि (मार्च 2026 के अपडेट्स)
ईंधन की बढ़ती कीमतों और इंश्योरेंस प्रीमियम के कारण टिकटों के दाम 6% से 10% तक बढ़ गए हैं। प्रमुख रूट्स पर बढ़ोतरी इस प्रकार है।
घरेलू उड़ानें (Domestic): फ्यूल सरचार्ज में 425 तक की बढ़ोतरी हुई है।
अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें (International): दूरी के आधार पर किराया 900 से 2,300 तक महंगा हुआ है।
यूरोप के लिए सरचार्ज: 2,300
दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन: 1,800
औसत किराया सीमा
सामान्य तौर पर एयर टिकट की कीमतें आपके गंतव्य और बुकिंग के समय पर निर्भर करती हैं।
घरेलू (Domestic): 3,000 से 12,000 रुपए के बीच (एक तरफ का औसत किराया)।
अंतर्राष्ट्रीय (International): भारत से विदेश यात्रा के लिए राउंड-ट्रिप टिकट औसतन 70,000 से 1,50,000 रुपए तक हो सकते हैं।
सबसे महंगा टिकट: दुनिया का सबसे महंगा टिकट एतिहाद एयरवेज का ‘द रेजिडेंस’ है, जिसकी कीमत लगभग 55 लाख रुपए है।
बचत के तरीके और सरकारी योजनाएं
सस्ती टिकट के लिए: Air India Express जैसे बजट एयरलाइन्स की सेल में घरेलू टिकट 1,350 रुपए से शुरू होते हैं।
UDAN योजना: इस सरकारी योजना के तहत कुछ चुनिंदा रूट्स पर 2,500 रुपए में हवाई सफर की सुविधा मिलती है।
बुकिंग टिप्स: एक्सपीडिया के अनुसार, रविवार को टिकट बुक करना सबसे सस्ता पड़ता है, जिससे घरेलू उड़ानों पर 5% तक की बचत हो सकती है।
