नई दिल्ली। मध्य पूर्व यानी पश्चिम एशिया में इजराइल—अमेरिका एवं ईरान के बीच छिड़ी जंग अब भीषण रूप लेती जा रही है। इस महाविनाश की भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। यह न सिर्फ मानवता को दहला रही हैं, बल्कि महायुद्ध के संकेत भी दे रही हैं। विभिन्न रिपोट्र्स के अनुसार 3 मार्च 2026 तक इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस भीषण संघर्ष में भारी मानवीय और आर्थिक नुकसान हुआ है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मानवीय नुकसान (कैजुअल्टी)
ईरान: अब तक 787 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत भी शामिल है। दक्षिणी ईरान के मिनाब में एक स्कूल पर हुए हमले में लगभग 150-165 छात्राओं की मौत की खबर है।
इजरायल: ईरानी जवाबी हमलों में अब तक 12 लोगों की मौत हुई है और 770 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
अमेरिका: अमेरिकी सेना के अनुसार, अब तक 6 सैनिक मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं।
अन्य क्षेत्र: लेबनान में 52, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 3, और कुवैत में 1 व्यक्ति की मौत हुई है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में 3 भारतीय नागरिकों की भी जान गई है।

आर्थिक और ढांचागत नुकसान
युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे पर गहरा असर पड़ा है।
तेल की कीमतें: संघर्ष के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें बढ़कर $110 प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है।
सैन्य खर्च: एक अनुमान के अनुसार, अमेरिका ने ऑपरेशन के पहले 24 घंटों में ही लगभग $779 मिलियन खर्च किए हैं।
बुनियादी ढांचा: ईरान में तेहरान रिवोल्यूशनरी कोर्ट, सैन्य मुख्यालय और कई रेडियो-टीवी स्टेशनों को भारी नुकसान पहुँचा है। सऊदी अरब में अरामको (Aramco) रिफाइनरी और रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी ड्रोन हमले हुए हैं।
व्यापार और निवेश: भारत जैसे देशों के लिए आयात बिल बढ़ने, रुपया कमजोर होने और शेयर बाजार में अस्थिरता का जोखिम बढ़ गया है।
