भोपाल। मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 1 अप्रैल 2026 को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट ने 25 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषी ठहराते हुए तिहाड़ जेल भेज दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह मामला साल 1999-2000 का है, जब राजेंद्र भारती दतिया भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष थे। उन पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर और बैंक की एफडी (FD) के नियमों में हेरफेर कर बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत दोषी माना है। 1 अप्रैल को कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देकर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि उनकी सजा की अवधि पर फैसला 2 अप्रैल 2026 को सुनाया जाएगा।
राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। इस फैसले को मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
सांसदों—विधायकों पर दर्ज हैं आपराधिक केस
एडीआर (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 30% से अधिक सांसद और विधायक गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें से कई पर दोषसिद्धि (सजा) भी हुई है। 18वीं लोकसभा में 251 सांसद (46%) आपराधिक मामलों के आरोपी हैं, और 170 पर गंभीर मामले हैं। हाल के वर्षों में 100 से अधिक सांसदों को संसद से निलंबित किया जा चुका है, जो एक प्रकार की अनुशासनात्मक सजा है।
दागी प्रतिनिधि: देश भर में लगभग 1,448 सांसद/विधायक (31%) आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, और इनमें से 641 के खिलाफ गंभीर अपराध (जैसे हत्या, बलात्कार) दर्ज हैं।
ED की कार्रवाई: एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में ED ने 193 राजनेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से कुछ को सजा भी हुई है।
संसदीय निलंबन: रिपोर्ट के अनुसार, 90 से अधिक सांसदों को एक ही सत्र में निलंबित करने की अभूतपूर्व कार्रवाई भी देखी गई है।
न्यायिक स्थिति: 4,700 से अधिक आपराधिक मामले अभी भी बैठे हुए (sitting) या पूर्व विधायकों/सांसदों के खिलाफ लंबित हैं।
यह डेटा भारतीय राजनीति के अपराधीकरण और चल रहे न्यायिक व अनुशासनात्मक मामलों को दर्शाता है।
मप्र में कितने विधायकों—सांसदों को सजा
मध्य प्रदेश में विधायकों और सांसदों को मिलने वाली सजा और उनके खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की स्थिति समय-समय पर बदलती रहती है।
सजा पाने वाले हालिया मामले
राजेंद्र भारती (विधायक, दतिया): 1 अप्रैल, 2026 को दिल्ली की एक एमपी-एमएलए अदालत ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में दोषी करार दिया और उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। उनकी सदस्यता पर भी खतरा मंडरा रहा है।
विपिन वानखेड़े (विधायक, आगर): पूर्व में इन्हें भोपाल की विशेष अदालत ने एक पुराने मामले में एक साल की सजा सुनाई थी।
आपराधिक मामलों की वर्तमान स्थिति
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट और अदालती आंकड़ों के अनुसार:
दागी विधायक: मध्य प्रदेश विधानसभा के 230 विधायकों में से लगभग 90 विधायकों (39%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
लंबित केस: एमपी-एमएलए विशेष अदालतों में माननीयों के खिलाफ 300 से अधिक मामले लंबित हैं।
कानूनी प्रावधान: सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार, यदि किसी सांसद या विधायक को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द हो जाती है और वे अगले 6 वर्षों तक चुनाव नहीं लड़ सकते।
