भोपाल। मध्य प्रदेश में पुलिस ने शिकायतों के त्वरित निपटान को लेकर नया सिस्टम तैयार किया है। इसके तहत लोग पुलिस के आला अधिकारियों तक सीधे शिकायत पहुंचा रहे हैं। साथ ही पुलिस अधिकारी भी इसके तहत आने वाली शिकायतों पर त्वरित रिस्पांस देकर लोगों की शिकायतें दूर कर रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, राजधानी में भोपाल पुलिस के QR-बेस्ड शिकायत और फ़ीडबैक सिस्टम के शुरू होने के एक हफ्ते बाद बुधवार तक जिले के 38 पुलिस स्टेशनों में 45 शिकायतें दर्ज हुईं।
भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा के मुताबिक, इस सिस्टम से अब तक मिली ज्यादातर शिकायतें छोटे-मोटे झगड़ों, पड़ोस के झगड़ों, छोटी-मोटी धोखाधड़ी और अलग-अलग छोटी-मोटी बातों से जुड़ी हैं। उन्होंने आगे कहा, “ट्रैफ़िक से जुड़ी बड़ी संख्या में शिकायतें, जैसे गलत पार्किंग या गाड़ियों का सड़क रोकना भी QR कोड सिस्टम के जरिए दर्ज की गई हैं।”
हाल के एक मामले का जिक्र करते हुए पुलिस ने बताया कि एक महिला, जिसे उसका पड़ोसी कथित तौर पर परेशान और धमका रहा था, दो बार पुलिस के पास गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तीन दिन पहले लोकल पुलिस स्टेशन जाने के दौरान, उसने शिकायत और फ़ीडबैक दर्ज करने के लिए बने QR कोड को देखा। उसने उसे स्कैन किया और अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर ली। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलते ही, संबंधित पुलिस स्टेशन को तुरंत कार्रवाई के निर्देश भेज दिए गए।
उन्होंने कहा कि कई शिकायतों की डिटेल में जांच की जरूरत थी, लेकिन जिनमें तुरंत दखल देने की ज़रूरत थी, उन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही थी। संबंधित पुलिस स्टेशनों को तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने कहा कि शहर भर में ज्यादा ट्रांसपेरेंट पुलिसिंग पक्का करने के लिए लोगों के फ़ीडबैक और ट्रैफ़िक से जुड़ी शिकायतों का भी रेगुलर रिव्यू किया जा रहा है।
सबसे खास बात यह है कि किसी भी फीडबैक या गैर-कानूनी या अपराधिक गतिविधियों क के बार में कोई जानकारी मिलने पर शिकायत करने वाले या कॉल करने वाले की पहचान पब्लिक या बताई नहीं जाएगी।
