भोपाल। राजधानी भोपाल में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज की अधिकारों की लड़ाई तेज हो गई है। पिछड़ा वर्ग संघर्ष संयुक्त मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक हुई, जिसमें समाज की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में 18 जनवरी 2026 को एक भव्य सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जो ओबीसी समाज की एकता और न्याय की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक का आयोजन मोर्चा के संरक्षक इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल द्वारा किया गया। इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। बैठक में अजाक्स अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा, भोपाल नगर निगम की पूर्व महापौर विभा पटेल, जिला कांग्रेस कार्यालय प्रभारी दुलीचंद पटेल, सीएस यादव, प्रकाश मालवीय, रामेश्वर सिंह ठाकुर एडवोकेट, तुलसी राम पटेल, जीवन पटेल, एसएल सूर्यवंशी, विनायक साह, बहादुर सिंह लोधी, कृष्णपाल सिंह यादव, केपी कुर्मवंशी, महेश साहू, लोकमन कुशवाहा, कृष्णा बैरागी, निर्मिला पाटिल, सुरसुरी प्रसाद पटेल, जगदीश सिंह यादव, लोकेन्द गुर्जर, पुरुषोत्तम सेन सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
बैठक में मोर्चा ने 6 प्रमुख मांगें रखी
- जनसंख्या अनुपात में आरक्षण: ओबीसी को वास्तविक जनसंख्या (52%) के अनुसार आरक्षण दिया जाए।
2. आईएएस संतोष वर्मा के साथ न्याय: उनके खिलाफ सभी कार्यवाहियां तुरंत वापस ली जाएं।
3. बैकलॉग पदों की पूर्ति: सभी रिक्त पदों को एक महीने में भरें और पहले बैकलॉग को प्राथमिकता दें।
4. होल्ड पदों का अनहोल्ड: ओबीसी के 13% होल्ड पदों को तत्काल जारी किया जाए।
5. निजी क्षेत्र में आरक्षण: निजी क्षेत्र में भी ओबीसी आरक्षण लागू हो।
6. पदोन्नति में आरक्षण: एससी-एसटी की तरह ओबीसी को भी पदोन्नति में जनसंख्या अनुपात में आरक्षण मिले।
ये मांगें एक वर्ग की नहीं
प्रतिभागियों ने कहा कि ये मांगें केवल एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की उन्नति और सद्भाव की हैं। आगामी 18 जनवरी 2026 का सम्मेलन इन मांगों को मजबूती से उठाने का बड़ा मंच होगा। ओबीसी समाज के इस संघर्ष में प्रदेशभर से लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
