भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के तहत मध्य प्रदेश स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी ने शहर में 24-पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नंबर–3 पर सर्व समाज मध्यस्थता केंद्र का उद्घाटन किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सेंटर में आने वाले अलग-अलग केस को निपटाने के लिए पवन गुरु, फादर आनंद मुट्टंगल, मोहम्मद हबीब, कल्पना विजयवर्गीय और ज्योति अग्रवाल को मीडिएटर बनाया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के तहत मध्य प्रदेश स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी से जरूरी ट्रेनिंग ली है।
उद्घाटन (वर्चुअली) जस्टिस विवेक रूसिया, मध्य प्रदेश एडमिनिस्ट्रेटिव जज, हाई कोर्ट जबलपुर और MPLSA के प्रेसिडेंट ने किया, जिसमें खास मेहमान जज राजर्षि श्रीवास्तव, स्पेशल जज SC ST कोर्ट भोपाल और जज भरत सिंह रघुवंशी फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट भोपाल भी मौजूद थे।
जस्टिस रूसिया ने कहा, यह हाई कोर्ट की कोशिश है कि लोगों तक जल्दी और बिना कोई पैसा खर्च किए इंसाफ पहुंचे। मीडिएशन ही दोनों पार्टियों, यानी शिकायत करने वाले और जिसके खिलाफ शिकायत की गई है, को जीतने का एकमात्र तरीका है। यह दोनों पार्टियों के लिए एक सहमत तरीके से मामलों को निपटाने की कोशिश है।
भोपाल डिस्ट्रिक्ट प्रिंसिपल जज मनोज कुमार श्रीवास्तव और लीगल सर्विस अथॉरिटी भोपाल, सेक्रेटरी सुमित अग्रवाल और भोपाल कोर्ट के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अघनेंद्र द्विवेदी ने भी सेंटर का दौरा किया और टीम के साथ सेंटर के काम करने के तरीके पर चर्चा की।
भोपाल डिस्ट्रिक्ट प्रिंसिपल जज मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा, हम पत्रकार कॉलोनी और भोपाल में दो अन्य सेंटर में खोले गए मीडिएशन सेंटर के जरिए लोगों तक सर्विस पहुंचाने के लिए सब कुछ करेंगे।
केंद्र ने पवन गुरु को सेंटर इंचार्ज और फादर आनंद मुत्तुगल को सेंटर का असिस्टेंट इंचार्ज चुना है। केंद्र के पवन गुरु ने कहा, सेंटर और सभी पांच सदस्यों की सर्विस हर दिन लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगी। हम लोगों को फ्री सर्विस दे रहे हैं।
भारत में फ्री मीडिएशन सेंटर
भारत में कानूनी विवादों को अदालत के बाहर सुलझाने के लिए मुफ्त मध्यस्थता (Free Mediation) और कानूनी सहायता सेवाएं उपलब्ध हैं। ये सेवाएं राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA/SLSA) के माध्यम से प्रदान की जाती हैं।
फ्री मीडिएशन (मध्यस्थता) कैसे और कहां मिलेगी?
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA): प्रत्येक जिला न्यायालय (District Court) परिसर में DLSA का कार्यालय होता है। आप वहां जाकर निशुल्क मध्यस्थता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मध्यस्थता केंद्र (Mediation Center): जिला अदालतों और उच्च न्यायालयों (जैसे- म.प्र. उच्च न्यायालय, जबलपुर) में विशेष मध्यस्थता केंद्र होते हैं, जहाँ प्रशिक्षित मध्यस्थ (Mediators) मुफ़्त में विवाद सुलझाते हैं।
ऑनलाइन माध्यम: आप nalsa.gov.in पर जाकर भी ऑनलाइन लीगल एड के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें मध्यस्थता शामिल है।
हेल्पलाइन नंबर: किसी भी जानकारी के लिए आप राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 पर कॉल कर सकते हैं।
कौन इसके लिए पात्र है? (Free Legal Aid Eligibility)
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के अनुसार, निम्न व्यक्तियों को नि:शुल्क सेवाएं मिल सकती हैं:
महिलाएं और बच्चे।
अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) के सदस्य।
औद्योगिक श्रमिक।
विकलांग व्यक्ति।
हिंसा, बाढ़, सूखा, भूकंप या औद्योगिक आपदा के शिकार लोग।
आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति (आमतौर पर वार्षिक आय 1 लाख से 3 लाख से कम – राज्य के अनुसार अलग-अलग)।
भोपाल में विशेष सुविधा:
भोपाल में नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (NLIU) के कैंपस में लीगल एड क्लीनिक है, जहां जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सलाह और सहायता मिलती है।
मीडिएशन के फायदे:
यह प्रक्रिया गोपनीय, अनौपचारिक और अदालती प्रक्रिया की तुलना में बहुत तेजी से काम करती है।
नोट: आवेदन करते समय आपको अपनी आय का प्रमाण (Income Affidavit) या योग्यता (जैसे- SC/ST/महिला) का प्रमाण पत्र जमा करना पड़ सकता है।
दिल्ली डिस्प्यूट रेजोल्यूशन सोसाइटी (DDRS)
दिल्ली में, DDRS के माध्यम से मुफ्त मध्यस्थता सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।
प्रकार: यह पड़ोस के झगड़े, उपभोक्ता विवाद, पारिवारिक मामले और छोटे आपराधिक मामलों को सुलझाता है।
संपर्क: आप उनके टोल-फ्री नंबर 1800-11-7282 पर कॉल कर सकते हैं।
‘मीडिएशन फॉर द नेशन’ अभियान
जुलाई 2025 से सितंबर 2025 तक पूरे भारत में एक विशेष 90 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से जल्दी और बिना किसी खर्च के सुलझाना है।
लोक अदालत और टेली-लॉ
लोक अदालत: यह भी एक मुफ्त व्यवस्था है, जहां लंबित या मुकदमे से पहले के मामलों को आपसी सहमति से सुलझाया जाता है।
टेली-लॉ (Tele-Law): आप घर बैठे विशेषज्ञों से मुफ्त कानूनी सलाह लेने के लिए Tele-Law Portal का उपयोग कर सकते हैं या 15100 (NALSA हेल्पलाइन) पर कॉल कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण: मध्यस्थता का परिणाम दोनों पक्षों की सहमति पर निर्भर करता है और यह अदालती कार्यवाही की तुलना में बहुत तेज़ और निजी होता है।
