हेल्थ डेस्क। हाल के अध्ययनों से पता चला है कि ज्यादातर लोग भोजन के पर्यावरणीय प्रभाव को गलत समझते हैं। लोग अक्सर पैकेजिंग या परिवहन (food miles) को ही सबसे हानिकारक मानते हैं, जबकि वास्तव में उत्पादन प्रक्रिया (विशेषकर मांस और डेयरी) का प्रभाव कहीं अधिक होता है। उपभोक्ता यह नहीं समझ पाते कि कौन सा भोजन पर्यावरण के लिए सबसे हानिकारक है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अध्ययन के अनुसार मुख्य गलतफहमियां
स्थानीय बनाम उत्पादन: लोग मानते हैं कि स्थानीय भोजन (local food) हमेशा बेहतर है, जबकि भोजन के परिवहन का हिस्सा उत्पादन प्रक्रिया की तुलना में बहुत छोटा होता है।
मांस का प्रभाव: लोग गोमांस (beef) जैसे उच्च-उत्सर्जन वाले खाद्य पदार्थों के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करके आंकते हैं।
पैकेजिंग पर ध्यान: लोग प्लास्टिक पैकेजिंग को लेकर अधिक चिंतित हैं, जबकि भोजन का वास्तविक पर्यावरणीय पदचिह्न (environmental footprint) मुख्य रूप से खेती और उत्पादन के तरीकों (जैसे भूमि उपयोग, पानी की खपत) से आता है।
जैविक (Organic) भ्रम: लोग अक्सर जैविक भोजन को जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सबसे अच्छा उपाय मानते हैं, लेकिन वे उत्पादन के अन्य बड़े कारकों को नजरअंदाज कर देते हैं।
वास्तविक पर्यावरणीय प्रभाव: मांस और डेयरी उत्पाद, विशेष रूप से जुगाली करने वाले पशु (गाय, भेड़), ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, पानी की खपत और भूमि उपयोग में सबसे अधिक योगदान देते हैं। स्थिरता के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि आप क्या खाते हैं, न कि वह कहां से आया है।
दुनिया में भोजन कितना स्वस्थ व सुरक्षित
दुनिया में भोजन की वर्तमान स्थिति चुनौतीपूर्ण है। वर्तमान में वैश्विक आबादी का एक बड़ा हिस्सा न केवल असुरक्षित भोजन से होने वाली बीमारियों का सामना कर रहा है, बल्कि स्वस्थ आहार की पहुंच से भी दूर है।
- भोजन कितना सुरक्षित है?
भोजन की सुरक्षा आज एक गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि दूषित भोजन के कारण हर साल लाखों लोग बीमार पड़ते हैं।
बीमारियों का बोझ: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, असुरक्षित भोजन (जिसमें हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, या रसायन होते हैं) 200 से अधिक बीमारियों का कारण बनता है।
आंकड़े: हर साल दुनिया में लगभग 60 करोड़ लोग (10 में से 1 व्यक्ति) दूषित खाना खाने से बीमार होते हैं, और इनमें से 4.2 लाख लोगों की मौत हो जाती है।
बच्चे सबसे अधिक प्रभावित: 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे इस बोझ का 40% वहन करते हैं, और हर साल 1.25 लाख बच्चों की जान असुरक्षित भोजन के कारण जाती है।
आर्थिक प्रभाव: निम्न और मध्यम आय वाले देशों को उत्पादकता में कमी के कारण हर साल लगभग 95 अरब डॉलर का नुकसान होता है।
- भोजन कितना स्वस्थ है?
स्वस्थ आहार की उपलब्धता और उसकी सामर्थ्य (Affordability) भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
पहुंच की कमी: दुनिया में 2 अरब से अधिक लोग स्वस्थ और पौष्टिक भोजन का खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
आहार से जुड़ी मौतें: स्वस्थ आहार की कमी के कारण दुनिया भर में हर साल करीब 1.1 करोड़ लोगों की मौत होती है।
असंतुलित पोषण: वर्तमान में लोग फलों और सब्जियों जैसी प्राकृतिक चीजों का सेवन कम कर रहे हैं, जबकि चीनी, नमक और हानिकारक वसा (Saturated fats) का सेवन अधिक कर रहे हैं, जिससे मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।
बर्बादी: एक ओर लोग भूखे हैं, वहीं दूसरी ओर हर साल करीब 1 अरब टन भोजन बर्बाद कर दिया जाता है।
- भविष्य की राह
विश्व स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे हैं ताकि भोजन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सके।
वैश्विक पहल: संयुक्त राष्ट्र (UN) और WHO जैसे संगठन देशों को खाद्य सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानक विकसित करने में मदद कर रहे हैं।
व्यक्तिगत सावधानी: WHO के स्वर्ण नियमों के अनुसार, भोजन को सुरक्षित रखने के लिए उसे सही तापमान पर पकाना, साफ-सफाई रखना और कच्चे-पके भोजन को अलग रखना आवश्यक है।
