नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने पौधों के डीएनए (DNA) में एक ऐसी ऐतिहासिक खोज की है, जो 400 मिलियन (40 करोड़) साल से छिपी हुई थी। यह खोज पौधों के जेनेटिक रेगुलेशन (अनुवांशिक नियंत्रण) को समझने के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है। यह अध्ययन 14 मार्च, 2026 को वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ है, जो जीव विज्ञान में “डीप टाइम” (deep time) की समझ को और गहरा करता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, शोधकर्ताओं ने 2.3 मिलियन (23 लाख) से अधिक “रेगुलेटरी डीएनए स्विच” (regulatory DNA switches) की पहचान की है। ये स्विच ‘कंजर्व्ड नॉन-कोडिंग सीक्वेंसेस’ (Conserved Non-coding Sequences – CNSs) हैं, जो यह नियंत्रित करते हैं कि पौधे के जीन कब और कैसे सक्रिय (activate) होते हैं।
ये स्विच 400 मिलियन वर्ष से अधिक पुराने हैं और विभिन्न प्रजातियों (फूल वाले पौधों से लेकर काई/moss तक) में संरक्षित पाए गए हैं। कोल्ड स्प्रिंग हार्बर लेबोरेटरी (CSHL) के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की एक टीम ने “कंजर्वेटरी” (Conservatory) नामक एक नए कंप्यूटर टूल का उपयोग करके सैकड़ों प्लांट जीनोम की तुलना की।
खोज का महत्व
विकास का नया ज्ञान: यह खोज इस लंबे समय से चले आ रहे पहेली को सुलझाती है कि पौधे कैसे अपने जीन को लाखों वर्षों तक नियंत्रित करते आए हैं, जबकि वे बदलते पर्यावरण के साथ विकसित हो रहे थे।
फसल सुधार: यह “जेनेटिक एटलस” शोधकर्ताओं और फसल प्रजनकों (breeders) को यह समझने में मदद करेगा कि पौधे सूखे और अन्य पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कैसे करते हैं। इससे बेहतर और प्रतिरोधी फसलें विकसित करने में मदद मिलेगी।
पौधों के विकास की समझ: इससे पता चलता है कि फूलों वाले पौधे (angiosperms) और गैर-फूल वाले पौधे, दोनों में यह पुरानी जेनेटिक प्रणाली छिपी हुई थी।

क्या होता है डीएनए
डीएनए (DNA) या डी-ऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड, वह अणु है, जो सभी जीवित प्राणियों और कई वायरस के विकास, कामकाज, वृद्धि और प्रजनन के लिए आवश्यक आनुवंशिक निर्देश (genetic instructions) वहन करता है। इसे अक्सर जीवन का “ब्लूप्रिंट” या “निर्देश मैनुअल” कहा जाता है।
संरचना (Structure)
डीएनए की संरचना एक घुमावदार सीढ़ी की तरह होती है, जिसे डबल हेलिक्स (Double Helix) कहा जाता है।
न्यूक्लियोटाइड्स: डीएनए छोटी इकाइयों से बना होता है जिन्हें न्यूक्लियोटाइड्स कहा जाता है। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड में तीन चीजें होती हैं। एक फॉस्फेट समूह, एक चीनी (डी-ऑक्सीराइबोज), और एक नाइट्रोजन बेस।
चार रासायनिक बेस: डीएनए में जानकारी चार रासायनिक आधारों के क्रम के रूप में कोडित होती है।
A (एडेनिन – Adenine)
G (गुआनिन – Guanine)
C (साइटोसिन – Cytosine)
T (थायमिन – Thymine)
पेयरिंग नियम: एडेनिन (A) हमेशा थायमिन (T) के साथ जुड़ता है, और साइटोसिन (C) हमेशा गुआनिन (G) के साथ जुड़ता है।
डीएनए कहां पाया जाता है?
न्यूक्लियस (Nucleus): अधिकांश डीएनए कोशिका के केंद्रक में होता है, जहां यह गुणसूत्रों (chromosomes) के रूप में व्यवस्थित रहता है।
माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria): डीएनए की एक छोटी मात्रा माइटोकॉन्ड्रिया में भी पाई जाती है, जिसे माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए (mtDNA) कहते हैं।
मुख्य कार्य (Functions)
अनुवांशिकता: यह माता-पिता से बच्चों में गुणों (जैसे आंखों का रंग, ऊंचाई) को स्थानांतरित करता है।
प्रोटीन निर्माण: डीएनए कोशिकाओं को निर्देश देता है कि शरीर के लिए आवश्यक प्रोटीन कैसे बनाए जाएं।
प्रतिकृति (Replication): कोशिका विभाजन के दौरान डीएनए अपनी एक सटीक प्रतिलिपि बनाता है ताकि नई कोशिकाओं को समान आनुवंशिक जानकारी मिल सके
