मुंबई। महाराष्ट्र के दो बड़े पॉलिटिकल लीडर चचेरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे आखिरकार 20 साल बाद एक हो गए हैं। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव से ठीक पहले अपने अलायंस का ऐलान करने से पहले उद्धव और राज ठाकरे ने शिवाजी पार्क मेमोरियल पर बाल ठाकरे को श्रद्धांजलि दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राज ठाकरे ने कहा, जिस दिन का पूरा महाराष्ट्र इंतजार कर रहा था, वह आ गया है। शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना फिर से एक हो गए हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा, हम साथ रहने के लिए साथ आए हैं।
इस अलायंस का मतलब है कि BJP की लीडरशिप वाली महायुति को 15 जनवरी को महाराष्ट्र में BMC समेत 29 सिविक बॉडीज़ के चुनावों के लिए अपनी स्ट्रैटेजी पर फिर से सोचना होगा। शिवसेना (UBT)-MNS अलायंस का अनाउंसमेंट करने से पहले दोनों भाइयों ने कहा कि वे “मराठी मानुस” के लिए मिलकर काम करेंगे।
मंगलवार को एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा, “संयुक्त महाराष्ट्र 105 शहीदों की कुर्बानी के बाद बना था। हमें यह याद है, क्योंकि हमारे दादा प्रबोधनकर ठाकरे उस मूवमेंट के लीडर्स में से एक थे। बाद में मेरे पिता बालासाहेब और राज के पिता श्रीकांत ने मुंबई के लिए लड़ाई लड़ी। ठाकरे परिवार उस स्ट्रगल का हिस्सा था।” उन्होंने कहा, “जो लोग शहर को अलग करना चाहते हैं, वे अब अपने रिप्रेजेंटेटिव्स के जरिए ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर हम झगड़ते रहे, तो यह संयुक्त महाराष्ट्र की बेइज्ज़ती होगी।” राज ने आगे कहा, “मैंने पहले भी कहा था कि महाराष्ट्र किसी भी झगड़े से बड़ा है।”
पिछले साल महाराष्ट्र असेंबली इलेक्शन के बाद से राज और उद्धव दोनों ही अपने-अपने इशारे कर रहे थे। इस साल की शुरुआत में उन्होंने पहली बार अनाउंस किया कि दोनों पार्टियां महाराष्ट्र में BJP की लीडरशिप वाली सरकार द्वारा हिंदी भाषा थोपने के खिलाफ एक साथ आएंगी। उन्होंने सरकारी स्कूलों में प्राइमरी क्लास में सरकार द्वारा अब खत्म की गई हिंदी भाषा की ज़रूरत का विरोध करते हुए स्टेज शेयर किया था।
राज 2005 में शिवसेना से अलग हो गए थे, उन्होंने उद्धव के काम करने के तरीके पर अपनी नाराज़गी दिखाई थी। उद्धव को अविभाजित शिवसेना का वर्किंग प्रेसिडेंट अपॉइंट किए जाने के बाद राज ने पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने 2006 में MNS बनाई थी। अब दोनों BMC समेत महाराष्ट्र सिविक बॉडीज़ के इलेक्शन से पहले फिर से एक हो गए हैं। उद्धव ने आगे कहा “अगले दो दिनों में अलग-अलग कॉर्पोरेशन में भी अलायंस को बढ़ाया जाएगा।” राज ने आगे कहा, “मुंबई का मेयर एक मराठी होगा।”
