वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में शुरुआत से ही अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। दुनिया के कई देशों के नेता उनके बयानों और टिप्पणियों से खुद को असहज महसूस करते हैं। इधर, ट्रंप के झूठ और भ्रामक दावों को लेकर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों और फैक्ट-चेकर्स ने विस्तार से डेटा इकट्ठा किया है। सबसे प्रमुख आंकड़े The Washington Post के फैक्ट-चेकर डेटाबेस से आते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राष्ट्रपति के रूप में पहला कार्यकाल (2017–2021)
अपने पहले चार वर्षों के कार्यकाल के दौरान, ट्रंप ने कुल 30,573 झूठे या भ्रामक दावे किए। समय के साथ उनके झूठ बोलने की आवृत्ति में भारी वृद्धि देखी गई।
पहला साल (2017): औसतन 6 झूठ प्रतिदिन।
दूसरा साल (2018): औसतन 16 झूठ प्रतिदिन।
तीसरा साल (2019): औसतन 22 झूठ प्रतिदिन।
चौथा साल (2020): औसतन 39 झूठ प्रतिदिन तक पहुंच गया।
दूसरे कार्यकाल की शुरुआत (जनवरी 2025 से)
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत भी इसी तरह के दावों से हुई है।
पहले दिन: पदभार संभालने के पहले ही दिन उन पर 20 झूठे दावों का आरोप लगा।
ताज़ा आंकड़े: कुछ हालिया रिपोर्ट्स और चर्चाओं में यह दावा किया गया है कि उनके झूठ बोलने की दर अब बढ़कर 42 झूठ प्रतिदिन तक पहुंच गई है।
मुख्य विषय जिन पर झूठ बोले गए
ट्रंप के ज्यादातर झूठे या भ्रामक दावे अर्थव्यवस्था, आप्रवासन (Immigration), चुनावों में धोखाधड़ी, टैरिफ और कोविड-19 जैसे विषयों से संबंधित रहे हैं।
