भोपाल। मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार में राज्य मंत्री (शहरी विकास) प्रतिमा बागरी सोमवार को इंदौर में पानी की त्रासदी के बारे में पूछे जाने पर माइक झटक कर चली गईं, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना तब हुई जब वह एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात कर रही थीं। यह क्लिप जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के अनुसार, रिपोर्टर्स ने मंत्री से इंदौर में पानी दूषित होने के कारण के बारे में पूछा, जिससे 17 लोगों की मौत हो गई और 1000 से ज़्यादा लोग संक्रमित हो गए। जवाब देने या सहानुभूति दिखाने के बजाय, मंत्री बागरी ने माइक को एक तरफ धकेल दिया और बिना कोई बयान दिए मौके से चली गईं।
पहले भी एक मामले में, उन्होंने उन पत्रकारों पर गुस्सा किया था, जिन्होंने उनके भाई अनिल बागरी की गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तारी के बारे में सवाल पूछा था। जब वह खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर से बाहर निकल रही थीं, तो एक रिपोर्टर ने उनसे प्रतिक्रिया पूछी, जिसके बाद वह चिढ़ गईं और जवाब दिया, “तुम लोग जबरदस्ती की बात क्यों करते हो?” और फिर चली गईं।
सुरक्षित पीने का पानी एक बुनियादी जरूरत है, और जब ऐसी नाकामियां होती हैं तो लोग सरकार से साफ जवाब की उम्मीद करते हैं। हालांकि, राज्य के अधिकारियों ने कहा है कि पानी की सप्लाई कैसे दूषित हुई, इसकी जांच चल रही है। साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले में इंदौर नगर निगम आयुक्त को हटाने के साथ अपर आयुक्त और प्रभारी अधीक्षण यंत्री जल कार्य को निलंबित कर दिया है।
इसके पहले नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी पत्रकारों के सवालों पर आपत्ति जनक बयान देकर पार्टी और सरकार की किरकिरी करवा चुके हैं।
