भोपाल। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह ने भोपाल के ऐशबाग में बने चर्चित ’90 डिग्री वाले ब्रिज’ का बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पुल के डिजाइन में कोई तकनीकी खराबी नहीं है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कांग्रेस MLA ने बुधवार को विधानसभा में भोपाल में 90-डिग्री वाले ब्रिज को लेकर सरकार को कटघरे में खड़े करने की कोशिश की। जवाब में PWD मंत्री राकेश सिंह ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि ब्रिज असल में 119 डिग्री का है। सिंह ने कहा कि डेवलप्ड देशों और उनके राज्यों में 90-डिग्री के ब्रिज होते हैं, इसलिए ऐसे टर्न होना कोई अजीब बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि, ब्रिज खुद कोई प्रॉब्लम नहीं है, लेकिन प्लान किया गया स्लोप और कर्व वैसा नहीं बनाया गया जैसा सोचा गया था।
एक ऐप के जरिए किए गए तीन दिन और बाद में सात दिन के स्पेशल रोड सर्वे कैंपेन के बारे में बताते हुए सिंह ने कहा कि 71,210 किलोमीटर से ज़्यादा रोड, 2,975 बिल्डिंग और 1,426 ब्रिज का इंस्पेक्शन किया गया। पिछले 13 महीनों में, 875 कंस्ट्रक्शन के कामों का रैंडमली रिव्यू किया गया। इस वजह से 4 इंजीनियर सस्पेंड हुए, 105 इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, 25 कॉन्ट्रैक्टर और एक कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट किया गया, और 329 कंस्ट्रक्शन के कामों को ठीक किया गया।
कांग्रेस MLA महेश परमार ने कहा, डिपार्टमेंट का 90-डिग्री एंगल वाला ब्रिज देश और दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है। डिजसइन अप्रूवल, सेफ्टी में चूक, स्टैंडर्ड यह सब कमाल है।
नेता विपक्ष उमंग सिंघार ने सड़कों पर गड्ढों की पहचान के लिए सैटेलाइट सर्विस इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री को दूरी और माप भी पता चल जाएगा, गड्ढा कितने इंच और कितने सेंटीमीटर का है।
MLA राजेंद्र कुमार सिंह ने सदन को सरकारों को उनके बजट के साइज से आंकने के खिलाफ आगाह किया। उन्होंने मौजूदा बजट की तुलना पिछली सरकारों से की, जिसमें दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार भी शामिल है। दिग्विजय के समय बजट का साइज 23,000 करोड़ था। सुंदरलाल पटवा के समय यह लगभग 10,000 करोड़ था। उन्होंने कहा, जब 2007-08 और 2008-09 में शिवराज सिंह चौहान सत्ता में आए थे, तो बजट 40,000 करोड़ था।
राजधानी का 90 डिग्री ब्रिज मशहूर
“90 डिग्री ब्रिज” के नाम से मशहूर यह विवादित रेल ओवरब्रिज (ROB) मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में स्थित है। यह अपनी अजीबोगरीब बनावट के कारण जून 2024 के आसपास सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।
इस ब्रिज से जुड़ी मुख्य बातें
विवाद का कारण: इस ब्रिज के डिजाइन में एक बहुत ही तीखा मोड़ (Sharp Turn) दिया गया है, जिसे सामान्य रूप से 90 डिग्री का माना जा रहा था। विशेषज्ञों और नागरिकों ने इसे “जानलेवा” करार दिया था क्योंकि तेज रफ्तार वाहनों के लिए ऐसे मोड़ पर मुड़ना दुर्घटना को न्योता देने जैसा था।
ताजा अपडेट (2025-2026): एक विशेषज्ञ समिति द्वारा की गई माप में यह पाया गया कि यह मोड़ वास्तव में 90 नहीं, बल्कि लगभग 118-119 डिग्री का है। हाल ही में फरवरी 2026 में विधानसभा सत्र के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी रूप से 90 डिग्री का ब्रिज होना गलत नहीं है और दुनिया के कई शहरों में ऐसे ढांचे मौजूद हैं।
की गई कार्रवाई: डिजाइन में खामी के चलते मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर 7-8 इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया और संबंधित निर्माण एजेंसी व डिजाइन कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था।
सुधार कार्य: जनता की सुरक्षा को देखते हुए इसके मोड़ के रेडियस (Radius) को 10.7 मीटर तक बढ़ाने और ब्रिज को री-डिजाइन करने का निर्णय लिया गया है ताकि मोड़ को घुमावदार बनाया जा सके।
लागत और आकार: लगभग 18 करोड़ रुपए की लागत से बने इस ब्रिज की लंबाई 648 मीटर और चौड़ाई 8.5 मीटर है।
