मुंबई। अपने हालिया इंटरव्यू की वजह से सुर्खियों में आए म्यूजिक कंपोजर AR रहमान ने अब सफाई दी है। उन्होंने इशारा किया था कि शायद उन्हें ‘कम्युनल बात’ की वजह से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम नहीं मिल रहा है। अपने बयान के लिए उन्हें सोशल मीडिया पर बहुत आलोचना का सामना करना पड़ा, और अब, शनिवार को, उन्होंने इस बारे में सफाई देने के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया जिसमें वे कहते हैं, “प्यारे दोस्तों, म्यूज़िक हमेशा से मेरे लिए हमारी संस्कृति से जुड़ने, उसे सेलिब्रेट करने और उसका सम्मान करने का तरीका रहा है। भारत मेरी प्रेरणा, मेरा टीचर और मेरा घर है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मैं समझता हूं कि कभी-कभी इरादे गलत समझे जा सकते हैं। लेकिन मेरा मकसद हमेशा म्यूजिक के जरिए ऊपर उठाना, सम्मान देना और सेवा करना रहा है। मैंने कभी किसी को दुख पहुंचाना नहीं चाहा, और मुझे उम्मीद है कि मेरी ईमानदारी को महसूस किया जाएगा। मैं खुद को भारतीय होने पर खुशकिस्मत मानता हूं, जो मुझे एक ऐसी जगह बनाने में मदद करता है जो हमेशा बोलने की आजादी देती है और मल्टीकल्चरल आवाजों का जश्न मनाती है।”
म्यूजिक कंपोजर ने आगे उन इंडियन और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स के बारे में बात की जिनका वह हिस्सा रहे हैं, और इसमें आने वाली फ़िल्म रामायण का भी जिक्र किया। रहमान ने कहा, “मैं इस देश का शुक्रगुजार हूं, और ऐसे म्यूजिक के लिए कमिटेड हूं जो अतीत का सम्मान करता है, वर्तमान का जश्न मनाता है, और भविष्य को प्रेरित करता है।
कंगना रनौत ने एआर रहमान की आलोचना की
रहमान का बयान वायरल होने के बाद कंगना ने इंस्टाग्राम पर उनकी आलोचना की। अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा, “आप अपनी नफ़रत में अंधे हो गए हैं। मुझे आपके लिए दुख है।” एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि वह रहमान को अपनी फ़िल्म इमरजेंसी सुनाना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने उनसे मिलने से मना कर दिया और इसे ‘प्रोपेगैंडा फ़िल्म’ कहा। सिर्फ़ कंगना ही नहीं, कई लोग रहमान के बयान पर अपने विचार शेयर कर रहे हैं। इस बीच, कुछ नेटिज़न्स ने यह भी मांग की कि म्यूज़िक कंपोज़र को रामायण से हटा दिया जाना चाहिए। हालांकि, रहमान ने कन्फर्म किया है कि वह रणबीर कपूर-साई पल्लवी स्टारर इस फिल्म के लिए म्यूजिक कंपोजिंग कर रहे हैं, जिससे यह साफ है कि वह अभी भी फिल्म का हिस्सा हैं।
बयानों को लेकर ये भी रह चुके विवादों में
भारत में कई ऐसे अभिनेता हैं जो अपने बयानों के कारण विवादों में रहे हैं और जिन पर सांप्रदायिक (communal) या भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप लगे हैं। इनमें प्रमुख रूप से ये नाम है।
- कंगना रनौत: कंगना अपने बेबाक और अक्सर विवादित राजनीतिक बयानों के लिए जानी जाती हैं। उन पर कई बार सोशल मीडिया के माध्यम से विशेष समुदायों के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप लगे हैं, जिसके कारण उनका ट्विटर (अब X) अकाउंट भी एक समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया था।
2. स्वरा भास्कर: स्वरा अक्सर दक्षिणपंथी राजनीति की आलोचना करती हैं। उन पर आलोचकों द्वारा एकतरफा नैरेटिव सेट करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले बयान देने का आरोप लगाया जाता रहा है।
3. नसीरुद्दीन शाह: दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने देश में “बढ़ती असहिष्णुता” और “धार्मिक कट्टरता” पर कई बार चिंता व्यक्त की है। उनके बयानों को अक्सर एक विशेष वर्ग द्वारा भारत विरोधी या सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माना गया है।
4. परेश रावल: भाजपा के पूर्व सांसद और अभिनेता परेश रावल भी अपने कुछ ट्वीट और बयानों (जैसे बंगालियों और रोहिंग्या को लेकर की गई टिप्पणी) के कारण विवादों में रहे हैं, जिसके लिए उन्हें बाद में माफी भी मांगनी पड़ी थी।
5. चेतन कुमार (चेतन अहिंसा): कन्नड़ अभिनेता चेतन को हिंदुत्व और धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
हेट स्पीच की बढ़ती घटनाएं
भारत में सांप्रदायिक (कम्युनल) बयानबाजी और हेट स्पीच की घटनाओं में पिछले वर्षों की तुलना में काफी वृद्धि देखी गई है। जनवरी 2026 में जारी ‘इंडिया हेट लैब’ (IHL) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाली 1,318 हेट स्पीच की घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2024 की तुलना में 13% अधिक हैं। हाल के समय में विवादित या सांप्रदायिक बयानों के लिए चर्चा में ये प्रमुख नेता और मामले रहे हैं।
- प्रमुख नेता और हालिया बयान (2025-2026)
पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री, उत्तराखंड): हालिया रिपोर्टों में इन्हें हेट स्पीच देने वाले प्रमुख “एक्टर्स” में पहले स्थान पर रखा गया है, जिन्होंने 2025 के दौरान कथित तौर पर 71 ऐसे भाषण दिए।
शुभेंदु अधिकारी (भाजपा): पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान कथित तौर पर मुस्लिम विधायकों के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के लिए इनका नाम चर्चा में रहा।
हुमायूँ कबीर (TMC): पश्चिम बंगाल विधानसभा पैनल ने सांप्रदायिक टिप्पणी करने के लिए इनके खिलाफ निर्देश जारी किए थे।
रविंदर सिंह नेगी (भाजपा पार्षद): दिल्ली चुनाव प्रचार के दौरान मुस्लिम विरोधी और सांप्रदायिक बयानों के लिए नागरिक समूहों (CJP) ने इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नीतीश राणे (भाजपा): महाराष्ट्र में हेट स्पीच देने वाले प्रमुख नेताओं की सूची में इनका नाम भी शामिल किया गया है।
- अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम
विपक्ष के आरोप: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर शिक्षा प्रणाली का “सांप्रदायीकरण” करने का आरोप लगाया है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के एक मेडिकल संस्थान और मध्य प्रदेश के बैतूल में एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा बनाए गए स्कूल पर कार्रवाई का हवाला दिया गया है।
पिनाराई विजयन की चेतावनी: केरल के मुख्यमंत्री ने 17 जनवरी 2026 को चेतावनी दी कि राज्य में “बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक” दोनों तरह की सांप्रदायिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- हेट स्पीच के आंकड़े (2025 रिपोर्ट)
सर्वाधिक घटनाएं: 2025 में उत्तर प्रदेश (266), महाराष्ट्र (193) और मध्य प्रदेश (172) में सबसे अधिक हेट स्पीच के मामले दर्ज किए गए।
लक्ष्य: कुल भाषणों में से लगभग 98% मुस्लिम समुदाय को और 12% ईसाई समुदाय को निशाना बनाकर दिए गए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हेट स्पीच अब केवल चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि शासन और संगठित लामबंदी का एक हिस्सा बनती जा रही है।
