नई दिल्ली। भारतीय ब्यूरोक्रेसी में OBC-SC-ST: संसद में पेश किए गए सरकारी डेटा के अनुसार, भारत की टॉप ब्यूरोक्रेसी (IAS, IPS, और IFS) में अभी 2,830 पद खाली हैं। सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए डेटा के अनुसार, पिछले पांच सालों में IAS में डायरेक्ट रिक्रूटमेंट के ज़रिए 245 OBC और 135 SC अधिकारियों की भर्ती की गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं, IAS, IPS, और IFS में अधिकारियों की कमी और उनमें अलग-अलग समुदायों के कम रिप्रेजेंटेशन को लेकर एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने देश में OBC, SC, और ST कैटेगरी से भर्ती के बारे में सरकार से जवाब मांगा। जॉन ब्रिटास के सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने राज्यसभा में ऑफिशियल डेटा पेश किया।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि देश की तीन बड़ी ऑल इंडिया सर्विसेज़ में कुल 2,830 पोस्ट खाली हैं। 1 जनवरी, 2025 तक, इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में कुल 1,300 पोस्ट खाली हैं। इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) में 505 पोस्ट और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) में 1,029 पोस्ट खाली हैं। यह डेटा दिखाता है कि देश के एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर पर काम का बोझ बढ़ रहा है क्योंकि तैनात अधिकारियों की संख्या मंज़ूर पोस्ट से काफी कम है।
मंजूर पोस्ट के मुकाबले कितने अधिकारी तैनात?
डेटा के मुताबिक, देश भर में IAS के लिए कुल मंज़ूर पोस्ट 6,877 हैं, लेकिन अभी सिर्फ़ 5,577 अधिकारी ही फील्ड में तैनात हैं। इसी तरह, IPS के पास 5,099 मंज़ूर पोस्ट के मुकाबले 4,594 अधिकारी ड्यूटी पर हैं। फॉरेस्ट सर्विस (IFS) में 3,193 मंज़ूर पोस्ट के मुकाबले सिर्फ़ 2,164 अधिकारी काम कर रहे हैं।
OBCs, SCs और STs का रिप्रेजेंटेशन कितना?
सरकार ने पार्लियामेंट में पिछले पांच सालों (CSE 2020 से CSE 2024) का डेटा पेश किया, जिससे ब्यूरोक्रेसी में सोशल डाइवर्सिटी की स्थिति का पता चलता है।
सरकार ने पार्लियामेंट में डेटा पेश किया
डायरेक्ट रिक्रूटमेंट के ज़रिए अपॉइंट हुए अधिकारियों की संख्या इस तरह है: उत्तर प्रदेश में 652 मंज़ूर IAS पोस्ट हैं, लेकिन सिर्फ़ 571 पोस्टेड हैं। बिहार में 359 पोस्ट के मुकाबले सिर्फ़ 303 अधिकारी काम कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में 459 पोस्ट के मुकाबले 391 अधिकारी काम कर रहे हैं।
वैकेंसी के कारण
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों का सालाना रिटायरमेंट और कैडर रिक्रूटमेंट की बढ़ती डिमांड के मुकाबले सिविल सर्विसेज़ एग्जाम (CSE) के ज़रिए रिक्रूटमेंट की धीमी रफ़्तार इसके मुख्य कारण हैं। हालांकि, सरकार का कहना है कि वह रिक्रूटमेंट प्रोसेस में तेज़ी ला रही है और पिछले पांच सालों में रिज़र्व्ड कैटेगरी के रिप्रेजेंटेशन का डेटा पॉज़िटिव रहा है।

भारत में प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की स्थिति
भारत सरकार द्वारा 12 फरवरी 2026 को राज्यसभा में दी गई आधिकारिक जानकारी (1 जनवरी 2025 के आंकड़ों पर आधारित) के अनुसार, देश में आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों की संख्या इस प्रकार है।
अधिकारियों की कुल संख्या (जनवरी 2025 तक)
सेवा स्वीकृत पद (Sanctioned) कार्यरत अधिकारी (In-Position) खाली पद (Vacancies)
आईएएस (IAS) 6,877 5,577 1,300
आईपीएस (IPS) 5,099 4,594 505
आईएफएस (IFS) 3,193 2,164 1,029
सर्वाधिक आईएएस: उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 571 आईएएस अधिकारी तैनात हैं (कुल स्वीकृत 652 में से)।
कुल कमी: देश की इन तीन प्रमुख अखिल भारतीय सेवाओं में कुल 2,834 पद खाली पड़े हैं।
महिलाओं की भागीदारी: आईएएस अधिकारियों में महिलाओं की संख्या लगभग 21% है, जिसमें पश्चिम बंगाल सबसे आगे है।
भर्ती प्रक्रिया: सरकार हर साल लगभग 180 आईएएस अधिकारियों की भर्ती करती है ताकि इस कमी को धीरे-धीरे पूरा किया जा सके।
देश में वर्गवार आईएएस, आईपीएस अधिकारी
भारत सरकार द्वारा फरवरी 2026 में राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले 5 वर्षों (CSE 2020 से 2024) के दौरान विभिन्न श्रेणियों से नियुक्त IAS और IPS अधिकारी।
IAS और IPS में नियुक्ति (2020-2024):
ये आंकड़े उन अधिकारियों के हैं, जिन्हें सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के माध्यम से सीधे नियुक्त किया गया है।
श्रेणी (Category)
IAS अधिकारी IPS अधिकारी
OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) 245 255
SC (अनुसूचित जाति) 135 141
ST (अनुसूचित जनजाति) 67 71
वर्तमान में कार्यरत कुल अधिकारी (1 जनवरी 2025 तक)
देश भर के विभिन्न राज्य कैडरों में तैनात कुल अधिकारियों की संख्या
IAS: कुल 5,577 अधिकारी तैनात हैं (स्वीकृत पद: 6,877)।
IPS: कुल 4,594 अधिकारी तैनात हैं (स्वीकृत पद: 5,099)।
आरक्षण दर: सिविल सेवा भर्ती में वर्तमान में SC के लिए 15%, ST के लिए 7.5%, और OBC के लिए 27% आरक्षण निर्धारित है।
रिक्तियां: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अभी भी देश में लगभग 1,300 IAS और 505 IPS पद खाली हैं।
तुलना: पिछले 5 वर्षों में IAS की तुलना में IPS सेवा में OBC, SC और ST वर्ग के अधिक उम्मीदवारों की नियुक्ति हुई है।
