भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। दिग्विजय सिंह ने कहा कि रंगपंचमी के दिन सामान्य तौर पर प्रेसवार्ता होती नहीं रही, लेकिन आज आपको बुलाया, क्योंकि प्रदेश के किसानों के साथ लंबे समय से भेदभाव होता रहा है। मैंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि मध्य प्रदेश में उगाए जाने वाले धान को एपीडा जीईई टैग नहीं दे रहा है। मध्य प्रदेश में बासमती चावल उगाया जाता है। दिग्विजय ने कहा कि यदि केंद्र सरकार के नक्शे की बासमती को जीईई टैग नहीं दिलावा पाते हैं, तो वे अनशन भी करेंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दिग्विजय ने कहा कि मैंने एक कपल जो बैंक से रिटायर हुए थे, वो एक कार से पूरा भारत घूमने निकले हैं, तो मैंने उसका वीडियो मजाकिया लहाजे में शेयर किया था। दिग्विजय सिंह ने रिटायर को लेकर कहा कि यह हल्ला तो होता रहता है। सीधी सी बात है, मैंने मेरी पार्टी से यही अनुरोध किया है कि मैं राज्यसभा के सेकंड टर्म के बाद थर्ड टर्म नहीं लेना चाह रहा हूं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि मैं कांग्रेस के लिए काम नहीं करूंगा। पार्टी के लिए काम नहीं करूंगा। पार्टी का काम तो जीवन के आखिरी सांस तक करेंगे, लेकिन बात यही है कि पार्टी मुझे कहां कह सकती है यह पार्टी नेत्रत्व पर निर्भर करता है। आईसीसी और प्रदेश कांग्रेस पर निर्भर करता है।
पार्टी अगर कहेगी, तो क्या राज्यसभा जाएंगे। इसके जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा, यह बहुत ही काल्पनिक प्रश्न है, इसका उत्तर नहीं दिया जा सकता। दिग्विजय ने कहा कि अंतर्राज्यीय बाजार में तीन गुना बासमती की कीमत है। क्या कारण है कि मध्य प्रदेश सरकार इतने सालों से जीआई टैग नहीं दिला पा रही है। यूपीए सरकार में जीआई टैग मिलना शुरू हुए थे। भाजपा की सरकार आने के बाद हमारी सरकार में दिए गए जीआई टैग खत्म कर दिए गए थे। आज तक नहीं समझ पा रहा हूं कि हमारा अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में पाकिस्तान से मुकाबला है, लेकिन पाकिस्तान ने कुछ सालों में कई जगह जीआई टैग दे दिए। हम 13 जिलों को भी जीआई टैग नहीं दिला पा रहे हैं।
इससे तीन दिन पहले दिग्विजय ने एक वीडियो चेहरे पर शेयर करते हुए लिखा था-मेरा रिटायमेंट प्लान? शायद, क्यों नहीं… इस वीडियो में 62 साल के शिवानंद भंजा अपनी पत्नी बसाबी भंजा के साथ बैंक की नौकरी से रिटायर्ड होने के बाद कार को अपना घर बनाकर पूरा भारत घूमने निकले हैं। शिवानंद की पत्नी का सपना था कि घर लेने के बजाय एक बड़ी गाड़ी लेकर पूरा भारत घूमेंगे। शिवानंद ने एक बड़ी कार ली, जिसमें सारी जरूरतें पूरी की गईं। वह 2024 में भारत घूमने निकले। भंजा अब तक 55 हजार किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। वह होटल में खाना खाने के बजाय खुद खाना पकाकर खाते हैं।
दिग्विजय बोले-तीन माह पूर्व लिखा था पत्र
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा कि यह अत्यधिक आपातकाल और दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस विषय पर तीन माह पूर्व पत्र लिखने के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार ने किसानों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्हें बताया कि संसद के शीतकाल में भी उन्हें इस मुद्दे को उठाया गया था और मध्य प्रदेश के बासमती उत्पादक किसानों को जीआई टैग नहीं मिलने से हो रही आर्थिक क्षति और अन्य की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया था।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर मालवा और महाकौशल क्षेत्र तक लगभग 14 जिलों-श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, गुना, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा, होशंगाबाद, नरसिंहपुर और जबलपुर में हजारों किसानों के वर्षों से उच्च गुणवता वाले सुगंधित बासमती चावल का उत्पादन कर रहे हैं। इसके बावजूद जीआई टैग नहीं मिलने के कारण किसानों को अपने उत्पादन का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश के किसान पिछले दो दशकों से इन जिलों के बासमती चावल को जीआई टैग देने की मांग कर रहे हैं। उन्हें याद दिलाया कि वर्ष 2013 में तत्काल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेत्रत्व वाली सरकार ने मध्य प्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग प्रदान किया था, लेकिन वर्ष 2016 में वर्तमान केंद्र सरकार ने इसे वापस ले लिया। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बासमती चावल को जीआई टैग प्राप्त है, जबकी मध्य प्रदेश के किसानों को इस अधिकार से वंचित रखा गया है।
राज्यसभा चुनाव लड़ने से कर चुके हैं इंकार
दिग्विजय सिंह पिछले महीने एक इंटरव्यू में कह चुके हैं कि वे अपनी राज्यसभा की सीट खाली कर रहे हैं। यानी जून में दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वे दूसरी बार के राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने राज्यसभा जाने से इनकार करके मध्य प्रदेश में कांग्रेस के कब्जे वाली सीट पर दावेदारों की संख्या बढ़ा दी है।
10 साल तक चुनाव न लड़ने का लिया था संकल्प
1993 से 2003 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह ने वर्ष 2003 में कांग्रेस की करारी हार के बाद 10 साल तक कोई चुनाव न लड़ने का ऐलान किया था। वे 2014 में राज्यसभा सदस्य बने उसके बाद दूसरी बार जून 2020 में फिर राज्यसभा सांसद चुने गए थे। इसके पहले वह नर्मदा यात्रा भी कर चुके हैं।
राजनीतिक करियर
दिग्विजय सिंह (जन्म 28 फरवरी 1947) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं।
राजनीतिक करियर: वह 1993 से 2003 तक लगातार दो बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वर्तमान में, वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं।
राज्यसभा से सेवानिवृत्ति (2026): उनका राज्यसभा का कार्यकाल 9 अप्रैल, 2026 को समाप्त हो रहा है। उन्होंने हाल ही में स्पष्ट किया है कि वह तीसरा कार्यकाल नहीं लेंगे और अपनी सीट खाली करेंगे।
किसानों के लिए अनशन की चेतावनी: 8 मार्च, 2026 को उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश के 14 जिलों के बासमती चावल को जीआई (GI) टैग देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसानों को न्याय नहीं मिला, तो वे अनशन करेंगे।
रिटायरमेंट प्लान पर स्पष्टीकरण: उनके रिटायरमेंट को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा है कि वह अपनी आखिरी सांस तक पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक रिटायरमेंट वीडियो को केवल ‘मजाकिया लहजे’ में साझा किया गया बताया।
पृष्ठभूमि: वह राघोगढ़ (गुना जिला) के पूर्व शाही परिवार से आते हैं और उन्हें अक्सर ‘दिग्गी राजा’ के नाम से जाना जाता है।
