भोपाल। देश का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में ठंड के बीच राजनीति में राज्यसभा चुनाव की गर्मी महसूस की जा रही है। 230 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में तीन सीटों की लड़ाई अब सिर्फ नंबरों का खेल नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विजयपुर के MLA मुकेश मल्होत्रा को उनके अयोग्यता मामले में सुप्रीम कोर्ट से फौरी राहत तो जरूर मिली है, लेकिन उनके वोटिंग से दूर रहने से कांग्रेस खेमे में उदासी छा माहौल है। अब सवाल यह है कि क्या कांग्रेस अपनी इकलौती सुरक्षित मानी जाने वाली सीट बचा पाएगी?
दरअसल, मध्य प्रदेश विधानसभा में एक राज्यसभा सीट के लिए 58 वोटों की जरूरत होती है। 160 से ज्यादा MLA वाली BJP को दो सीटें लगभग पक्की हैं। असली चुनौती तीसरी सीट को लेकर है। कांग्रेस के पास ऑफिशियली 65 MLA थे, लेकिन अब यह संख्या असल में घटकर 63 रह गई है। बीना से MLA निर्मला सप्रे पर दलबदल का खतरा मंडरा रहा है, जबकि मुकेश मल्होत्रा वोट नहीं दे पाएंगे।
कांग्रेस की प्रॉब्लम सिर्फ नंबरगेम ही नहीं है, बल्कि उसके अपने MLAs की बदलती सोच भी है। विपक्ष के डिप्टी लीडर हेमंत कटारे का इस्तीफा भले ही फैमिली वजहों से दिया गया हो, लेकिन गलियारों में चर्चा कुछ और ही है। इस बीच, टिमरनी से युवा MLA अभिजीत शाह का RSS से जुड़े एक मंच पर दिखना और हिंदू एकता के नारों के बीच सम्मानित होना कांग्रेस लीडरशिप के बीच चिंता बढ़ा रहा है।
सत्तारुढ़ BJP की राह आसान
हाल के सालों में देश के अन्य राज्यों हरियाणा, बिहार और ओडिशा में राज्यसभा चुनावों ने दिखाया है कि आखिरी मिनट में क्रॉस-वोटिंग कैसे पासा पलट सकती है। मध्य प्रदेश में, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के अकेले MLA कमलेश्वर डोडियार ने भी इशारा किया है कि वह अपना कैंडिडेट उतारेंगे, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय बनाने की कोशिश होगी। अगर कांग्रेस के 5-6 MLA भी चले गए, तो BJP के लिए तीसरी सीट का रास्ता आसान हो जाएगा। ऐसे में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की नाव डगमगाती दिख रही है।
राज्यसभा की राजनीति
राज्यसभा चुनाव में तनाव: एक सीट के लिए 58 वोटों की आवश्यकता को देखते हुए, भाजपा कांग्रेस की कमजोर स्थिति का फायदा उठाकर एक अतिरिक्त सीट जीतने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस की मुश्किलें: कांग्रेस कमजोर होती संख्या, संभावित क्रॉस-वोटिंग और प्रमुख नेताओं के ध्यान भटकने जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संभावित हॉर्स-ट्रेडिंग को लेकर चिंता व्यक्त की।
