नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2026 से भारत में आयकर के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहे हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि 64 साल पुराना ‘आयकर अधिनियम 1961’ अब समाप्त हो जाएगा और इसकी जगह ‘आयकर अधिनियम 2025’ (Income Tax Act 2025) और नए ‘आयकर नियम 2026’ लागू होंगे। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल बनाना और विवादों को कम करना है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्या—क्या होंगे बदलाव
नया आयकर अधिनियम और सरलीकरण
धाराओं में कटौती: आयकर कानून की धाराओं को लगभग 700 से घटाकर 536 कर दिया गया है, जिससे इसे समझना आसान होगा।
टैक्स ईयर: अब असेसमेंट ईयर (Assessment Year) की जगह केवल एक ‘टैक्स ईयर’ (Tax Year) शब्द का उपयोग होगा, जिससे समयसीमाओं को लेकर भ्रम कम होगा।
इनकम टैक्स स्लैब (वित्त वर्ष 2026-27 के लिए) बजट 2026 के अनुसार, व्यक्तिगत आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नई टैक्स व्यवस्था (New Regime): यह डिफाल्ट व्यवस्था बनी रहेगी। इसमें 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई प्रभावी कर नहीं लगेगा (स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद यह सीमा 12.75 लाख रुपए तक हो सकती है)।
पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Regime): इसमें 2.5 लाख रुपए तक की आय कर-मुक्त है।
फॉर्म और डॉक्युमेंट्स में बदलाव
फॉर्म 16 की विदाई: नौकरीपेशा लोगों को अब टीडीएस (TDS) सर्टिफिकेट के तौर पर मिलने वाला फॉर्म 16 नहीं मिलेगा। इसकी जगह अब फॉर्म 131 (या कुछ रिपोर्ट के अनुसार फॉर्म 130) दिया जाएगा।
HRA क्लेम के कड़े नियम: यदि आप 1 लाख रुपए से अधिक वार्षिक किराया देते हैं, तो मकान मालिक का पैन (PAN) देना और यह बताना अनिवार्य होगा कि वह परिवार का सदस्य है या नहीं। इसके लिए नया फॉर्म 124 भरना होगा।
निवेश और अन्य वित्तीय बदलाव
ULIP पर टैक्स: 2.5 लाख रुपए से अधिक वार्षिक प्रीमियम वाले ULIP से होने वाली आय पर अब कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा।
STT में वृद्धि: शेयर बाजार में फ्यूचर्स (Futures) पर STT 0.02% से बढ़कर 0.05% और ऑप्शंस (Options) पर 0.1% से बढ़कर 0.15% हो जाएगा।
बायबैक टैक्स: कंपनियों द्वारा शेयरों के बायबैक से होने वाली आय को अब ‘डिविडेंड’ के बजाय ‘कैपिटल गेन्स’ के रूप में टैक्स किया जाएगा।
महत्वपूर्ण समयसीमाएं (Deadlines)
ITR फाइलिंग: वेतनभोगी करदाताओं के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई रहेगी, जबकि बिना ऑडिट वाले व्यावसायिक करदाताओं के लिए यह 31 अगस्त होगी।
संशोधित रिटर्न: संशोधित (Revised) रिटर्न अब असेसमेंट ईयर की 31 मार्च तक मामूली शुल्क के साथ दाखिल किया जा सकेगा।
