भोपाल। मध्य प्रदेश में एक्साइज डिपार्टमेंट ने राज्य में शराब की दुकानों को बेचने के लिए अब तक 12 राउंड किए हैं। 3,099 शराब की दुकानों से कुल 16,637.85 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला है, जो पिछले साल के 12,404.73 करोड़ के रेवेन्यू से 34.13% ज्यादा है और 16,434.94 करोड़ रुपए के रिजर्व प्राइस से 1.23% ज्यादा है। हालांकि, 454 शराब की दुकानों का निपटारा अभी भी बाकी है। इन दुकानों के लिए मिले ऑफर को रोक दिया गया है, क्योंकि वे रिज़र्व प्राइस से 30% कम थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह जानकारी एक्साइज डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने 3 अप्रैल को हुई ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की मीटिंग के दौरान दी। मीटिंग की अध्यक्षता डिप्टी चीफ मिनिस्टर जगदीश देवड़ा ने की और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर उदय प्रताप सिंह इसमें शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि 12 राउंड के दौरान ई-टेंडरिंग के जरिए बोलियां मिलीं, जिनमें रिजर्व प्राइस से 30% तक कम के ऑफर शामिल थे।
पिछले साल के मुकाबले, शराब की दुकानों के कॉन्ट्रैक्टर की संख्या 489 से बढ़कर 860 हो गई है। 193 दुकानों के ऑफर रिज़र्व प्राइस से 30% तक कम की कैटेगरी में आए। कमेटी ने रिजर्व प्राइस से 30% से कम के ऑफर स्वीकार न करने का फैसला किया है। 13वें राउंड में, ऑफसेट प्राइस को रिजर्व प्राइस से 30% तक कम रखा जाएगा। डिस्पोजल प्रोसेस ई-टेंडरिंग के जरिए जारी रहेगा, और कोई ऑक्शन नहीं होगा।
ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर उदय प्रताप सिंह ने सुझाव दिया कि सरकार को उन दुकानों को डिपार्टमेंटल लेवल पर चलाने पर विचार करना चाहिए, जहां बिड 30% से कम हैं। इस प्रपोजल को देखने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी।
आबकारी से मप्र सरकार की वर्षवार वार्षिक आय
मध्य प्रदेश सरकार की आबकारी (Excise) विभाग से होने वाली वार्षिक आय पिछले 10 वर्षों में लगभग तीन गुना बढ़ गई है। वर्ष 2014-15 में यह आय 6,700 करोड़ के आसपास थी, जो 2024-25 तक बढ़कर 15,000 करोड़ से अधिक हो गई है।
पिछले 10 वर्षों का वर्षवार विवरण (करोड़ रुपये में)
वित्तीय वर्ष आबकारी राजस्व (करोड़ रुपए में) विवरण
2024-25 15,254 सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक की रिकॉर्ड वृद्धि
2023-24 12,353 पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.63% की वृद्धि
2022-23 11,726 CAG रिपोर्ट के अनुसार वास्तविक प्राप्तियां
2021-22 10,340 (अनुमानित/संशोधित आंकड़े)
2020-21 9,520 कोविड-19 के बावजूद राजस्व में स्थिरता बनी रही
2019-20 9,500 (लगभग)
2018-19 8,500 (लगभग)
2017-18 8,244
2016-17 7,650
2015-16 7,200 (लगभग)
2014-15 6,738
राजस्व में वृद्धि
2024-25 के लिए नई आबकारी नीति और दुकानों के नवीनीकरण/ई-टेंडर प्रक्रिया से राजस्व में 1,561 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की गई है।
शराब की खपत
2020-21 में विदेशी मदिरा (IMFL) की बिक्री 420 लाख प्रूफ लीटर थी, जो 2024-25 में बढ़कर 720 लाख प्रूफ लीटर हो गई है।
नई नीति (2026-27)
सरकार ने हाल ही में 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है, जिसमें आरक्षित मूल्य में 20% की वृद्धि की गई है और कोई नई दुकान नहीं खोलने का निर्णय लिया गया है।
मप्र में 17% लोग पीते हैं शराब
मध्य प्रदेश (मप्र) में शराब पीने वाले लोगों के प्रतिशत से संबंधित आंकड़े राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) की रिपोर्ट (2019-21) पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में शराब के सेवन की स्थिति।
पुरुष: मध्य प्रदेश में लगभग 17.1% से 17.7% पुरुष शराब का सेवन करते हैं।
महिलाएं: राज्य में लगभग 1% महिलाएं शराब पीती हैं। शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 0.5% और ग्रामीण क्षेत्रों में 1.2% है।
तुलनात्मक स्थिति: शराब पीने वाली महिलाओं के मामले में मध्य प्रदेश देश के राज्यों में 15वें स्थान पर आता है। पड़ोसी राज्यों की तुलना में मप्र में महिला शराबियों का प्रतिशत गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से अधिक है, लेकिन छत्तीसगढ़ (2.8%) से कम है।
वृद्धि: हालिया विधानसभा सत्रों में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में राज्य में शराब की खपत में 70% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पसंदीदा पेय: वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश के लोगों में अब ठंडी बीयर की मांग काफी बढ़ गई है, जबकि देशी और अंग्रेजी शराब की खपत में भी उतार-चढ़ाव देखा गया है।
नई आबकारी नीति (2026-27): सरकार ने नई नीति के तहत कोई नई दुकान न खोलने का निर्णय लिया है और आरक्षित मूल्य में 20% की वृद्धि की है, जिससे शराब की कीमतें बढ़ सकती हैं।
