
भोपाल। रविवार को कान्हा टाइगर रिज़र्व से 35 चित्तीदार हिरण कूनो राष्ट्रीय उद्यान स्थानांतरित किए गए। उन्हें एक विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए वाहन में कूनो ले जाया गया। ये चीतों के लिए शिकारगाह का काम करेंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कान्हा टाइगर रिज़र्व के उप निदेशक के मुताबिक, “कान्हा में चित्तीदार हिरणों की एक बड़ी आबादी है।” एक मोटे अनुमान के अनुसार, कान्हा में 55,000 चित्तीदार हिरण हैं।
पिछले साल से अब तक लगभग 800 चित्तीदार हिरण कूनो राष्ट्रीय उद्यान, नौरादेही अभयारण्य और गांधी सागर राष्ट्रीय उद्यान में स्थानांतरित किए जा चुके हैं। कान्हा में शाकाहारी जानवरों की संख्या सबसे अधिक है।
अक्टूबर में वन विभाग शाजापुर जिले से काले हिरणों को पकड़कर उन्हें कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करेगा।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अधिकारी एक पूर्ण विकसित बाघ के शिकार में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने के लिए अंधेरे में टटोल रहे हैं। उन्होंने फंदे में फँसे बाघ का एक पंजा काट दिया। बाघ का शव टाइगर रिजर्व के बाहर स्थित एक राजस्व गाँव के पास तवा नदी के बैकवाटर में तैरता हुआ मिला।
सूत्रों ने बताया कि वन अधिकारियों को शिकार मामले में कुछ सुराग मिले हैं और वे संदिग्ध पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो अभी भी फरार है। वरिष्ठ वन अधिकारी मामले की चल रही जांच पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और सतपुड़ा वन अधिकारियों से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।