भोपाल। विधानसभा में 13 जनवरी मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और तीन मंत्रियों को बुलाया। तोमर द्वारा बुलाई गई बैठक में सीएम यादव के अलावा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष तोमर की अध्यक्षता में विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में हुई इस बैठक में सीएम सचिवालय के अपर सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग सुखवीर सिंह और विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा भी शामिल हुए।
बताया जाता है कि विधायकों के वेतन भत्तों के लिए बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। शीतकालीन सत्र में विधायकों का दबाव था कि उनका वेतन भत्ता बढ़ाने का फैसला किया जाए, लेकिन तब सरकार निर्णय नहीं ले पाई थी। अब जबकि एक माह बाद फरवरी के अंतिम सप्ताह में बजट सत्र शुरू हो सकता है, तो सरकार इस मामले में अंतिम फैसला ले सकती है और कैबिनेट ने प्रस्ताव मंजूर किए जाने के बाद विधानसभा में लाकर इसे मंजूरी दी जा सकती है।
इसके अलावा विधायक विश्राम गृह कैम्पस में विधायकों के लिए बनाए जा रहे आवासों को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई है। विधायकों के विश्राम गृह कैम्पस में नए आवास बनाने और पेड़ों को काटने को लेकर विवाद के बाद उसका समाधान निकालने यह बैठक हुई।
ई कैबिनेट के बाद ई विधान
मोहन सरकार ई कैबिनेट व्यवस्था लागू कर चुकी है और आज और पिछले मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में टैबलेट के साथ मंत्री और सचिव को ई कैबिनेट प्रक्रिया से परिचित कराया जा चुका है। अब बजट सत्र से विधानसभा में ई विधान लागू किया जा सकता है। हालांकि इसे पिछले साल जून से ही लागू किए जाने की तैयारी थी, लेकिन इसका काम समय पर पूरा नहीं होने के चलते पहले पावस सत्र और फिर शीतकालीन सत्र में इसे लागू नहीं किया जा सका। अब बजट सत्र से ई विधान लागू किए जाने की तैयारी है।
मप्र विधानसभा (16वीं विधानसभा)
कुल सीटें: 230 सदस्य (एकसदनीय विधानमंडल)
विधानसभा अध्यक्ष (Speaker): नरेंद्र सिंह तोमर (20 दिसंबर 2023 से)
मुख्यमंत्री (सदन के नेता): डॉ. मोहन यादव
नेता प्रतिपक्ष: उमंग सिंघार
स्थान: विधान भवन, अरेरा हिल्स, भोपाल
आरक्षण: अनुसूचित जातियों (SC) के लिए 35 सीटें और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं ।
विधानसभा की वर्तमान संरचना 2023 के चुनावों के बाद की है और इसका कार्यकाल सामान्यतः 5 वर्ष (2028 तक) का है।
