नई दिल्ली। Army Day: दुनिया में ताकतवर आर्मी में से एक भारतीय सेना, सिर्फ यही देश आगे इंडियन आर्मी डे 2026: इंडियन आर्मी को दुनिया की सबसे ताकतवर आर्मी में से एक माना जाता है। इंडियन आर्मी का नाम दुनिया भर में गूंजता है। इसी हिम्मत, लगन और कुर्बानी को सम्मान देने के लिए हर साल 15 जनवरी को आर्मी डे मनाया जाता है। इस दिन देश भर में मिलिट्री इवेंट, परेड और सम्मान समारोह होते हैं, जो आर्मी की ताकत और परंपरा दोनों को दिखाते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, 15 जनवरी, 1949 का दिन इंडियन मिलिट्री हिस्ट्री में बहुत खास दिन माना जाता है। इस दिन जनरल केएम करियप्पा ने ब्रिटिश आर्मी के आखिरी कमांडर-इन-चीफ जनरल सर एफआरआर बुचर से इंडियन आर्मी की कमान संभाली थी। इसके साथ ही वे आज़ाद भारत के पहले इंडियन कमांडर-इन-चीफ बने। बाद में उन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि दी गई। यह दिन आत्मनिर्भर इंडियन आर्मी का प्रतीक बन गया है।
इंडियन आर्मी दुनिया में कितनी ताकतवर है?
इंडियन आर्मी की बात करें तो ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स में इसे चौथा स्थान मिला है। 145 देशों की लिस्ट में भारत टॉप पांच मिलिट्री पावर में शामिल है। अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के बाद भारत की यह रैंकिंग एक बड़ी कामयाबी है। संख्या के हिसाब से, इंडियन आर्मी में 1.2 मिलियन से ज़्यादा एक्टिव लोग हैं और उसके पास मॉडर्न हथियारों और गोला-बारूद का एक मज़बूत ज़खीरा है।
यह मजबूत नींव कैसे बनी?
इंडियन आर्मी की जड़ें ईस्ट इंडिया कंपनी के ज़माने से जुड़ी हैं। समय के साथ, यह ब्रिटिश इंडियन आर्मी और रियासतों की सेनाओं में बदल गई। 1947 में आज़ादी के बाद, यह एक नेशनल आर्मी बन गई। तब से, इंडियन आर्मी ने हर चुनौती में देश के साथ खड़े होकर अपनी ताकत साबित की है। चाहे जंग का मैदान हो या कुदरती आफ़त, आर्मी हर मोर्चे पर मज़बूती से खड़ी रहती है।
आर्मी डे के इस खास मौके पर शहीदों को याद किया जाता है, बहादुर सैनिकों को सम्मान दिया जाता है, और नागरिकों को बताया जाता है कि आर्मी बॉर्डर सिक्योरिटी से आगे बढ़कर आपदा राहत, बचाव ऑपरेशन और मानवीय मदद में भी अहम भूमिका निभाती है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि भारतीय सेना हर साल नई योजनाओं और आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
भारतीय सेना की ताकत
भारतीय सेना 2026 में दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली सैन्य शक्ति है। ग्लोबल फायरपावर (Global Firepower) इंडेक्स 2026 के अनुसार, भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित है।
- सैन्य संख्या (Manpower)
भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी स्वयंसेवी सेना है।
सक्रिय सैनिक: लगभग 14.5 लाख सक्रिय ड्यूटी सदस्य।
कुल बल: आरक्षित (Reserve) और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary) को मिलाकर भारत के पास लगभग 51 लाख सैन्य कर्मियों का विशाल आधार है।
- जमीनी मारक क्षमता (Land Power)
सेना के पास आधुनिक और घातक हथियारों का भंडार है।
टैंक: लगभग 4,200 (जैसे T-90 ‘भीष्म’ और अर्जुन टैंक)।
बख्तरबंद वाहन: 22,000 से अधिक।
तोपखाना (Artillery): 2,000 से अधिक सेल्फ-प्रोपेल्ड यूनिट्स और 1,000 रॉकेट प्रोजेक्टर्स (जैसे पिनाका)।
- रणनीतिक और मिसाइल शक्ति
2026 में भारत की मिसाइल तकनीक अत्यधिक उन्नत हो चुकी है।
अग्नि-5 (Agni-5): 5,000 किमी से अधिक की मारक क्षमता वाली यह मिसाइल पूरे चीन और पाकिस्तान को कवर करती है।
ब्रह्मोस (BrahMos): दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल。
प्रलय मिसाइल: सटीक मारक क्षमता वाली नई युद्धक्षेत्र मिसाइल।
रॉकेट-मिसाइल फोर्स: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जनवरी 2026 में एक समर्पित ‘रॉकेट-कम-मिसाइल’ बल बनाने की योजना साझा की है।
- आधुनिकीकरण: 2026 ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी’ का वर्ष
भारतीय सेना ने 2026 को “Year of Networking & Data Centricity” घोषित किया है। इसका उद्देश्य है।
युद्ध के मैदान में रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग और डिजिटल एकीकरण।
AI-संचालित युद्ध प्रणाली और साइबर सुरक्षा को मजबूत करना।
“मेक इन इंडिया” के तहत स्वदेशी हथियारों (जैसे ‘वीर’ इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन व्हीकल) पर जोर देना।
- बजट और परमाणु क्षमता
रक्षा बजट: 2026 के लिए लगभग 75-93 अरब डॉलर (लगभग 7.86 ट्रिलियन), जो दुनिया के शीर्ष 4 रक्षा बजटों में शामिल है।
परमाणु शक्ति: भारत के पास एक विश्वसनीय परमाणु त्रिगुण (Nuclear Triad) है, जो जमीन, हवा और पानी से परमाणु हमला करने में सक्षम है।
भारतीय सेना
आदर्श वाक्य: सेवा परमो धर्मः (Service Before Self)।
मुख्यालय: एकीकृत रक्षा मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली।
सर्वोच्च कमांडर: भारत की राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू।
सेना प्रमुख (COAS): जनरल उपेंद्र द्विवेदी (वर्तमान सेना प्रमुख)।
स्थापना: आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल, 1895 को ब्रिटिश शासन के दौरान हुई, लेकिन आजादी के बाद 15 जनवरी, 1949 को फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा ने पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभाला। इसी उपलक्ष्य में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है।
मुख्य भूमिकाएं और कार्य
राष्ट्रीय सुरक्षा: बाहरी आक्रमणों और खतरों से देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना।
आंतरिक सुरक्षा: जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्रों में आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी अभियानों का संचालन करना।
आपदा राहत: बाढ़, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ‘मानवीय सहायता और आपदा राहत’ (HADR) प्रदान करना।
शांति मिशन: संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों में विश्व भर में सक्रिय भागीदारी निभाना।
कमान संरचना (Commands)
कमान का नाम मुख्यालय
उत्तरी कमान उधमपुर, जम्मू और कश्मीर
पश्चिमी कमान चंडीमंदिर, हरियाणा
पूर्वी कमान कोलकाता, पश्चिम बंगाल
दक्षिणी कमान पुणे, महाराष्ट्र
मध्य कमान लखनऊ, उत्तर प्रदेश
द.-पश्चिमी कमान जयपुर, राजस्थान
सेना प्रशिक्षण कमान (ARTRAC) शिमला, हिमाचल प्रदेश
आधुनिकीकरण और भविष्य
भारतीय सेना वर्तमान में “आत्मनिर्भर भारत” अभियान के तहत तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है। इसमें स्वदेशी हथियारों जैसे अर्जुन टैंक, पिनाका रॉकेट सिस्टम, और ब्रह्मोस मिसाइल का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा, अग्निपथ योजना के माध्यम से ‘अग्निवीरों’ की भर्ती भी की जा रही है।
