भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मंगलवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के समर्थन में आईं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उमा ने लिखा कि एडमिनिस्ट्रेशन का अविमुक्तेश्वरानंद से शंकराचार्य होने का सबूत मांगना अधिकारियों की गरिमा और अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने लिखा कि ऐसा सबूत मांगने का अधिकार सिर्फ शंकराचार्यों और विद्वत परिषद को है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उनके मुताबिक, UP सरकार और महाराज के बीच कोई अच्छा हल निकलेगा, लेकिन अधिकारियों को अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि योगी आदित्यनाथ की बुराई करने वालों को खुश नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह उनके खिलाफ नहीं था।
एडमिनिस्ट्रेशन को कानून-व्यवस्था पर सख्ती से कंट्रोल रखना चाहिए, लेकिन वह महाराज से उनके शंकराचार्य होने का सबूत नहीं मांग सकता। MP के किसी भी नेता ने शंकराचार्य का सपोर्ट नहीं किया है। चूंकि अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य हैं, इसलिए उनके MP से करीबी संबंध हैं।
