भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को भोपाल मेट्रो को हरी झंडी दिखाई, जिससे इसका लंबे समय से इंतजार था। उद्घाटन समारोह कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुआ, जिसे मिंटो हॉल के नाम से भी जाना जाता है। केंद्रीय मंत्री खट्टर, शहरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंचार्ज मंत्री चैतन्य कश्यप, मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर और दूसरे जनप्रतिनिधि मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजधानी और यहां के लोगों को वर्चुअली बधाई दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भरोसा दिलाया कि लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए एक्सपेरिमेंट चल रहे हैं, जो यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों से पिक करेगा और उन्हें उनके डेस्टिनेशन तक छोड़ेगा और इसका उल्टा भी होगा।
भोपाल मेट्रो हर दिन सुभाष नगर और AIIMS के बीच चलेगी, जो यात्रियों को सुबह 8:00 AM से शाम 8:00 PM तक सर्विस देगी।
जानकारी के मुताबिक, ऑरेंज लाइन 7km लंबा रूट कवर करेगी और इसमें 8 हॉल्ट होंगे, जिनमें सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, DB मॉल, MP नगर, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, DRM ऑफिस, अलकापुरी और AIIMS भोपाल।
रूट, सुविधाएं, टाइमिंग और किराया
पहला ऑपरेशनल कॉरिडोर सुभाष नगर से AIIMS तक है, जो लगभग 7 km का है और इसमें आठ एलिवेटेड स्टेशन हैं।
ट्रेनें रोज़ाना सुबह लगभग 8:00 AM से रात 8:00 PM तक चलती हैं।
ये होगा किराया
2 स्टेशन तक के लिए 20 रुपए
3–5 स्टेशन के लिए 30 रुपए
6–8 स्टेशन के लिए 40 रुपए
आधुनिक सुविधाएं:
एयर-कंडीशन्ड कोच
प्लेटफ़ॉर्म स्क्रीन दरवाज़े, AI-बेस्ड सेफ़्टी सिस्टम
CCTV कैमरे और इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम
सभी स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर
ऑडियो-विज़ुअल पैसेंजर जानकारी
व्हीलचेयर के लिए जगह
साफ टॉयलेट सुविधाओं के साथ मॉडर्न स्टेशन डिजाइन
कुछ बड़ी रुकावटों की वजह से आठ साल की देरी से चालू हुआ मेट्रो प्रोजेक्ट की कई डेडलाइन बढ़ाई गईं। अब यह आखिरकार पैसेंजर के लिए तैयार है। इस इवेंट में मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और दूसरे VIP लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोग अपनी पर्सनल गाड़ियों में आए थे।
भोपाल मेट्रो का मकसद लोगों को शहर में सफर करने का एक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीका देना है। इससे सफ़र का समय बचेगा, सड़कों पर ट्रैफ़िक कम होगा और रोज़ाना की यात्राएं ज्यादा आरामदायक होंगी। मेट्रो को बुज़ुर्ग लोगों और दिव्यांग यात्रियों के लिए इस्तेमाल में आसान बनाने के लिए भी डिजाइन किया गया है। भविष्य में भोपाल के और इलाकों को जोड़ने के लिए मेट्रो नेटवर्क को बढ़ाया जाएगा।
