भोपाल। मध्य प्रदेश में सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के बाद विजय शाह को बचाने के तरीके से सरकार प्रतिमा बागरी के बचाव में आ गई है। बागरी के भाई और बहनोई के गांजा तस्करी में शामिल होने की बात सामने आने के बाद BJP उनके खिलाफ कार्रवाई करने के मूड में नहीं लग रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पार्टी जातिगत समीकरणों के कारण इस मुद्दे को दबाना चाहती है। BJP के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के राज्य संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व को जो रिपोर्ट भेजी थी, उसमें बागरी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिशें नहीं थीं।
पार्टी की केंद्रीय इकाई स्थानीय नेतृत्व की सिफारिशों पर किसी भी राज्य नेता के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार करती है। बागरी के लिए स्टेट लीडरशिप के सॉफ्ट कॉर्नर की वजह से इस बात के चांस हैं कि पार्टी उनके खिलाफ एक्शन न ले।
दूसरी तरफ, बागरी ने अपने भाई के बारे में उलटे-सीधे बयान दिए हैं। अपने भाई अनिल बागरी के बारे में मीडिया से बोले गए उनके झूठ भी सामने आ गए हैं। पार्टी की स्टेट यूनिट ने अपने सेंट्रल लीडरशिप को बताया है कि अनिल के एक मंत्री का भाई होने के बावजूद पुलिस ने उनके खिलाफ एक्शन लिया।
मामला सरकार के सामने आने के बाद उसने सख्ती दिखाई। ऐसे में जांच का इंतजार करना जरूरी है। पिछले हफ्ते में यह दूसरी घटना है, जिसमें किसी मंत्री का करीबी रिश्तेदार किसी क्रिमिनल केस में शामिल पाया गया है।
इस घटना से पहले, एक मंत्री राकेश शुक्ला के करीबी रिश्तेदार ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी, ऐसा मामला भी सामने आया था, लेकिन पार्टी ने इस पर चुप्पी साधे रखी।
मंत्री की नेमप्लेट पर कालिख पोती, चार पुलिसवालों की ड्यूटी लगाई
मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई और जीजा भले ही गांजा ट्रैफिकिंग में शामिल रहे हों, लेकिन उनकी नेमप्लेट को बचाया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के जिला यूनिट प्रेसिडेंट अमित खत्री की अगुवाई में मंत्री के सरकारी बंगले के गेट पर लगी नेमप्लेट पर कालिख पोत दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री के घर के बाहर लगे बैरियर पार कर दिए। इसके बाद वहां चार पुलिसवालों को ड्यूटी पर लगा दिया गया है।
