भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सेशन सोमवार 16 फरवरी से शुरू हो रहा है। बजट सेशन सबसे लंबा होता है, और यह सरकार के साथ-साथ विपक्ष के लिए भी लिटमस टेस्ट होने वाला है। सरकार के खिलाफ मुद्दे बहुत हैं। विपक्ष को देखना होगा कि वे इन मुद्दों पर सरकार को कैसे घेर सकते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उमंग सिंघार ने विपक्ष के नेता (LoP) के तौर पर अपने कार्यकाल के दो साल पूरे कर लिए हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक सदन में किसी भी मुद्दे पर सरकार को नहीं घेरा है। सिंघार के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे सरकार को कैसे मुश्किल में डालते हैं। लोकसभा में LoP, राहुल गांधी, केंद्र सरकार की नसों पर चढ़े हुए हैं।
सिंघार के लिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे कैसे काम करते हैं। पिछले सेशन में, कांग्रेस ने सदन के बाहर धरना देने में अपनी ज्यादा एनर्जी लगाई थी। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 33 लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया। भागीरथपुरा की घटना के बाद यह पहला सेशन होने जा रहा है। कांग्रेस के पास सरकार के सामने सवाल रखने का मौका होगा।
मंत्री विजय शाह के प्रति सुप्रीम कोर्ट का रवैया सरकार के लिए मुसीबत बन गया है। विपक्ष इस मुद्दे पर भी सरकार को घेर सकता है। 16वें फाइनेंस कमीशन की सिफारिशों के बाद सरकार को 45,000 करोड़ रुपए से भी कम मिलेंगे। दूसरी ओर, सरकार का कर्ज बढ़ रहा है, और कर्मचारियों के DA पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
तराना में सांप्रदायिक झड़प हुई। विपक्ष के पास कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सरकार को घेरने का मौका है। अब तक विपक्ष सरकार को घेरने में उतना आक्रामक नहीं रहा जितना उसे होना चाहिए था। मौजूदा सेशन में उसके कामकाज का आकलन किया जाएगा।
बजट सत्र के बारे में
मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी बजट सत्र 16 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है। यह सत्र 6 मार्च 2026 तक चलेगा और इसमें कुल 12 बैठकें आयोजित की जाएंगी।
बजट प्रस्तुति: प्रदेश का बजट 18 फरवरी 2026 (बुधवार) को वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जाने की संभावना है।
बजट का आकार: इस बार सरकार लगभग 4.70 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश कर सकती है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12% अधिक होने का अनुमान है।
प्रमुख फोकस: बजट में महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीबों (GYAN – गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) के विकास पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
सत्र की शुरुआत: सत्र की औपचारिक शुरुआत राज्यपाल मंगू भाई पटेल के अभिभाषण के साथ होगी।
विपक्ष की तैयारी: कांग्रेस सहित विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों जैसे कानून-व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
