नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय देश में ओपन स्कूलिंग सिस्टम का दायरा बढ़ाने के लिए एक खास प्लान पर काम कर रहा है। अभी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) में सिर्फ करीब 6 लाख छात्र रजिस्टर्ड हैं। दूसरी तरफ, CBSE स्कूलों में 2.5 करोड़ छात्र हैं। ऐसे छात्रों को जो सामाजिक-आर्थिक हालात की वजह से अपनी स्कूलिंग पूरी नहीं कर पाते या फेल होने की वजह से पढ़ाई छोड़ देते हैं, उन्हें NIOS से जोड़ने का प्लान बनाया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, ओपन स्कूलिंग सिस्टम में एक ऐसा मॉडल होगा, जिसमें छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ काम करने का मौका मिलेगा। इससे उनकी आर्थिक दिक्कतें भी कम होंगी। साथ ही, NIOS और CBSE को मिलकर उन छात्रों को वापस स्कूलिंग सिस्टम में लाना होगा, जिन्होंने स्कूल छोड़ दिया है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि ओपन स्कूल सिस्टम में इंडस्ट्री का सहयोग भी लिया जाएगा, ताकि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ नौकरियों के लिए भी तैयार किया जा सके। स्कूल छोड़ने वाले छात्रों को ओपन स्कूल सिस्टम से जोड़ना CBSE और दूसरे एजुकेशन बोर्ड की भी जिम्मेदारी है। इस बीच, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने कहा कि उच्च शिक्षा में छात्रों का एनरोलमेंट बढ़ रहा है और नई शिक्षा नीति के हिसाब से नए कोर्स शुरू किए गए हैं।
NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलेगा
नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) को ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा देने का फैसला किया गया है। स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा कि ‘NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की प्रक्रिया अगले दो हफ़्तों में पूरी हो जाएगी। संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने के फैसले को UGC कमीशन की मीटिंग में मंज़ूरी दी जाएगी। स्कूल शिक्षा और टीचर एजुकेशन के क्षेत्र में रिसर्च और इनोवेशन शुरू होगा।’ उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, NCERT एक खास तरह की यूनिवर्सिटी बन जाएगी। यहां, स्कूल शिक्षा और टीचर एजुकेशन के क्षेत्र में ग्लोबल पैमानों के हिसाब से कोर्स होंगे। NCERT हेडक्वार्टर में पोस्टग्रेजुएट और रिसर्च के क्षेत्र में कई खास यूनिक कोर्स होंगे। इनमें करिकुलम डिज़ाइन और डेवलपमेंट, साइकोमेट्रिक असेसमेंट (साइकोलॉजी और एजुकेशन), और पेडागॉजी जैसे कोर्स शामिल होंगे।
टीचर एजुकेशन में AI का इस्तेमाल
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि टीचर एजुकेशन में AI को एक परमानेंट फीचर के तौर पर शामिल किया जाएगा। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुसार, टीचर एजुकेशन में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। अभी नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) टीचर एजुकेशन के स्टैंडर्ड पर काम करती है, और अब इसमें AI को भी ज़रूरी तौर पर शामिल किया जाएगा। टीचर एजुकेशन में नए स्टैंडर्ड बनाए जाएंगे।
PMश्री स्कूलों की तरह डेवलप होंगे 1.27 लाख स्कूल
‘प्राइम मिनिस्टर स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया’ (PMश्री स्कूल्स) योजना के तहत, देश भर में 13,700 स्कूलों को चुना गया है। इन स्कूलों में एजुकेशनल क्वालिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टूडेंट्स के नतीजों को बेहतर बनाने के लिए काम किया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एक स्टडी भी की है जिससे पता चलता है कि पहले के मुकाबले स्टूडेंट्स का एडमिशन बढ़ा है।
मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को लिखा है कि PM श्री स्कूलों ने एक बेंचमार्क सेट किया है। अलग-अलग राज्यों के दूसरे स्कूलों को भी इन स्कूलों की तर्ज पर डेवलप किया जाना चाहिए। राज्य सरकारों से आग्रह किया गया है कि वे 1.27 लाख स्कूलों को PMश्री स्कूलों की तरह डेवलप करने के लक्ष्य पर काम करें। इससे नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के लक्ष्यों के अनुसार सीखने के नतीजे बेहतर होंगे, ताकि 2047 तक विकसित भारत के विजन को हासिल करने के लिए शिक्षा एक नींव बन सके।
