भोपाल। विधानसभा चुनाव हारने और मंत्री पद गंवाने के बाद भी कुछ नेता बिना पात्रता सरकारी बंगलों पर कब्जा जमाए हुए हैं। मोहन सरकार अब ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। बिना पात्रता के सरकारी बंगलों में रह रहे पूर्व मंत्री और अधिकारियों को अब सख्ती से अपने बंगले खाली करने होंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया 2023 का विधानसभा चुनाव हार गए हैं। इसके बावजूद वे दो साल से अपने बंगलों में जमे हुए हैं। वहीं, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया अभी MLA नहीं होने के बावजूद मंत्री रहते हुए मिला बंगला खाली नहीं कर रही हैं। भोपाल की पूर्व MP साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ भी कुछ ऐसा ही हाल है। MP न रहने के बाद भी वह सरकारी बंगले में ही हैं।
जानकारी के मुताबिक, प्रभात झा के परिवार को 6 जनवरी को ही नोटिस दिया गया था, जबकि रामपाल को पहले नोटिस दिया गया था। अब सरकार ने साफ कर दिया है कि पात्रता खत्म होने के बाद किसी भी हालत में उन्हें सरकारी घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।
ये मंत्री बिना पात्रता सरकारी बंगलों में
डॉ. प्रभुराम चौधरी (MLA, सांची)
भूपेंद्र सिंह (MLA, खुरई)
गोपाल भार्गव (MLA, रहली)
मीना सिंह (MLA, मानपुर)
…तो देना होगा भारी भरकम किराया
प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि अगर तय डेडलाइन के बाद बंगला खाली नहीं किया गया तो भारी किराया लगेगा। नियमों के मुताबिक, पहले तीन महीने नॉर्मल किराया लिया जाएगा, उसके बाद अगले तीन महीने तक 10 गुना किराया और उस समय के बाद भी खाली नहीं करने पर 30 गुना तक किराया लिया जाएगा। लॉ डिपार्टमेंट ने इस तरह की रिकवरी को मंजूरी दे दी है।
सात अधिकारियों को भी बंगले खाली करने का नोटिस
संपदा संचालनालयक के मुताबिक, राजधानी भोपाल में चार IAS अधिकारियों समेत कुल सात अधिकारियों को बंगले खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ IPS अधिकारी और दूसरे सीनियर अधिकारी भी इसमें शामिल हैं।
MLA तय लिमिट से ज्यादा बंगलों में रह रहे हैं। मंत्रियों को आमतौर पर टाइप B और C बंगले अलॉट किए जाते हैं। हालांकि, BJP और कांग्रेस के आधा दर्जन से ज्यादा MLA अभी तय लिमिट से ज्यादा बड़े बंगलों में रह रहे हैं। इनमें से ज्यादातर MLA पहले मंत्री रह चुके हैं।
इन विधायकों, नेताओं के पास तय लिमिट से बड़े बंगले
अजय सिंह, MLA, चुरहट (पूर्व नेता विपक्ष) – C-19, शिवाजी नगर
यादवेंद्र सिंह, MLA, टीकमगढ़ (पूर्व मंत्री) – B-23 (74 बंगले)
ओमप्रकाश सखलेचा, MLA, जावद (पूर्व मंत्री) – C-16, शिवाजी नगर
राजेश शुक्ला बबलू, MLA, बिजावर – C-20, शिवाजी नगर
संजय पाठक, MLA, विजयराघवगढ़ (पूर्व मंत्री) – C-26, शिवाजी नगर
सुरेंद्र पटवा, MLA, भोजपुर (पूर्व मंत्री) – B-3 (74 बंगले)
अर्चना चिटनिस, MLA, बुरहानपुर (पूर्व मंत्री) – C-28, शिवाजी नगर
डॉ. विक्रांत भूरिया, MLA, झाबुआ – C-1 (74 बंगले)
