जबलपुर/भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने MLA संजय सत्येंद्र पाठक को एक स्वतः संज्ञान (suo motu) आपराधिक अवमानना मामले में नोटिस जारी किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने खनन में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई कर रहे जज को प्रभावित करने की कोशिश की। यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष दीक्षित की एक याचिका के बाद शुरू की गई, जिसमें उन्होंने पाठक से जुड़ी कथित अनियमितताओं की EOW जांच की मांग की थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान यह नोटिस जारी किया। अवमानना की यह कार्रवाई कटनी जिले के सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष दीक्षित की एक याचिका के बाद शुरू की गई। दीक्षित ने अपनी याचिका में पाठक से जुड़ी खनन में हुई कथित अनियमितताओं की जांच इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) से कराने की मांग की थी।
2 अप्रैल को हाई कोर्ट ने MLA के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। रिकॉर्ड के अनुसार, 1 सितंबर, 2025 को एक सिंगल-जज बेंच ने पाया कि पाठक ने दीक्षित की याचिका के संबंध में जज से संपर्क करने की कोशिश की थी, जिसके बाद जज ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। यह मामला अब न्यायिक विचार के अधीन है, और पाठक को अवमानना नोटिस का जवाब देना होगा।
MLA संजय पाठक
मध्य प्रदेश के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के खिलाफ कई प्रमुख कानूनी मामले और विवादों के कारण चर्चा में हैं।
आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt)
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अप्रैल 2026 में उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। यह मामला तब शुरू हुआ जब उन पर अवैध खनन से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई कर रहे जस्टिस विशाल मिश्रा से फोन पर संपर्क करने की कोशिश का आरोप लगा。 कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप माना और उन्हें 21 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया है। हालांकि, विधायक ने इसके लिए बिना शर्त माफी मांगी है और इसे “गलती से लगा कॉल” बताया है।
अवैध खनन वसूली (Illegal Mining Recovery)
उनकी खनन कंपनियों (आनंद माइनिंग, निर्मला मिनरल्स और पेसिफिक एक्सपोर्ट) पर स्वीकृत मात्रा से अधिक खनन के आरोप हैं। राज्य सरकार ने विधानसभा में जानकारी दी है कि इन कंपनियों से ₹443 करोड़ की वसूली तय की गई है।
अन्य घोषित मामले
MyNeta पर उपलब्ध उनके 2023 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन पर उस समय तक कोई गंभीर आपराधिक मामला लंबित नहीं था, लेकिन वर्तमान में अवमानना और खनन से जुड़े विवादों ने उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मुख्य घटनाक्रम: मामला वर्तमान स्थिति विवरण
आपराधिक अवमानना कोर्ट में लंबित (सुनवाई 21 अप्रैल) जज को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप
खनन वसूली ₹443 करोड़ की मांग कंपनियों द्वारा अवैध उत्खनन का मामला
