भोपाल। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के तेवर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के बाद नरम पड़ गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दरअसल, यह पूरा मामला एक IPS अधिकारी (SDOP) को धमकी देने और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने से जुड़ा था, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
मुख्यमंत्री से मुलाकात: गुरुवार, 23 अप्रैल को विधायक प्रीतम लोधी भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और सीएम मोहन यादव व प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के सामने अपनी सफाई पेश की।
खेद जताया: मुलाकात के बाद विधायक लोधी के सुर बदले हुए नजर आए। उन्होंने अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा कि “कुछ शब्दावली गलत हो गई थी” और भविष्य में “शब्दों का ध्यान रखूंगा”।
विवाद की जड़: लोधी ने अपने बेटे पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद एक IPS अधिकारी को खुलेआम धमकी दी थी, जिसके बाद मामला गरमा गया था।
पार्टी के प्रति निष्ठा: सूत्रों के मुताबिक उन्होंने खुद को पार्टी का “सच्चा सिपाही” बताया और कहा कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से भाजपा और जनसंघ से जुड़ा हुआ है।
इस मुलाकात के बाद ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व द्वारा सख्त रुख अपनाए जाने के बाद विधायक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है।
गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने विधायक लोधी को नोटिस जारी कर 3 दिन के अंदर जवाब मांगा था। साथ ही कहा था कि जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद विधायक लोधी गुरुवार को राजधानी पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रखा। इस दौरान प्रदेश के शीर्ष नेताओं ने विधायक लोधी को कड़ी नसीहत देते हुए भविष्य में संयम बरतने की बात कही।
