भोपाल। राजधानी स्थित राज्य सचिवालय में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में किसानों और विकास परियोजनाओं के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!किसानों के लिए सौगात
गेहूं खरीद (उपार्जन) की तारीख अब 9 अप्रैल 2026 तय की गई है। सरकार गेहूं के साथ-साथ चना और मसूर की भी खरीद करेगी। चना और मसूर के उपार्जन के लिए अगले तीन वर्षों के लिए 3,174 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
उज्जैन के लिए बजट
उज्जैन एयरपोर्ट और सिंहस्थ की तैयारियों के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है।
758 करोड़ के टाइगर कॉरिडोर को मंजूरी
मध्य प्रदेश में 22 किलोमीटर लंबा टाइगर कॉरिडोर बनाने के लिए 758 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही नए फोरलेन और बायपास निर्माण के लिए 631 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
शिक्षा और छात्र कल्याण
पीएमश्री विद्यालय योजना के क्रियान्वयन के लिए 940 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। साथ ही, अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए छात्रगृह सहायता योजना में वृद्धि के निर्णय लिए गए हैं।
नए संस्थान
भोपाल में ‘फाइनेंस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट’ (वित्त प्रशिक्षण और शोध संस्थान) की स्थापना को हरी झंडी मिल गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की भी समीक्षा की और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले
वर्ष 2026 (हालिया फैसले)
कर्मचारी हित: सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई, जिससे अब यह 53% से बढ़कर 56% हो गया है।
शिक्षा क्षेत्र: PM SHRI योजना के विस्तार के लिए 940 करोड़ रुपये और RTE Act के तहत फीस प्रतिपूर्ति के लिए 3,039 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
अधोसंरचना (Infrastructure): विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए लगभग 6,940 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई, जिसमें इटारसी-बैतूल सेक्शन में टाइगर कॉरिडोर का निर्माण भी शामिल है।
नवाचार: प्रदेश में स्टेट एआई (AI) मिशन शुरू करने का निर्णय लिया गया, जो कृषि, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन में सहायक होगा।
परिवहन: उज्जैन हवाई पट्टी के विस्तार और एयरबस संचालन के लिए 590 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
वर्ष 2025
औद्योगिक विकास: भोपाल के बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर की स्थापना को हरी झंडी दी गई।
नीतिगत निर्णय: राज्य सरकार ने विकास को गति देने के लिए 7 नई नीतियों पर मुहर लगाई।
कर्मचारी नियुक्तियां: अस्थायी और स्थायी पदों के प्रबंधन के संबंध में महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किए गए।
वर्ष 2024
कनेक्टिविटी: इंदौर और उज्जैन के बीच 1370 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीन फील्ड रोड बनाने का बड़ा फैसला लिया गया।
डिजिटल सुधार: नामांतरण और बंटवारे की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए साइबर तहसील को लागू किया गया।
धार्मिक आयोजन: प्रदेश में पहली बार सरकारी स्तर पर भव्य तरीके से कृष्ण जन्माष्टमी मनाने का निर्णय लिया गया।
प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं
गेहूं खरीदी: किसानों को गेहूं पर 125 रुपये प्रति क्विंटल बोनस (कुल 2400 रुपये प्रति क्विंटल) देने का निर्णय लिया गया।
स्वामित्व योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 46 लाख लोगों को निशुल्क रजिस्ट्री का लाभ देने का प्रस्ताव पारित हुआ।
सिंचाई: रीवा जिले में महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना (82 करोड़ रुपये) जैसी कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
