
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि किसी भी संस्थागत या बैंक ऋण का भुगतान हो जाने पर संबंधित बंधक संपत्ति को बंधक या दोहरे बंधक की शर्तों से तुरंत मुक्त कर दिया जाएगा। इस प्रावधान का लाभ एमएसएमई उद्योगों को भी मिलेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सीएम ने गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में लघु उद्योग भारती के राज्य स्तरीय कार्यालय का उद्घाटन करते हुए यह घोषणा की। यह कार्यालय 4 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। यादव ने सभी क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए पूरे राज्य में समान रूप से उद्योग स्थापित किए जाने चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार लघु उद्योग भारती के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है और एमएसएमई को समर्थन देने के लिए नीतियाँ बना रही है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई से संबंधित सभी आवश्यक अनुमतियाँ प्रदान करने के लिए एक समयबद्ध तंत्र बनाया जा रहा है।
शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने वालों के लिए प्रोत्साहनों की भी घोषणा की गई। आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए नीति-आधारित सब्सिडी दी जाएगी। यादव ने कहा कि राज्य अनुसंधान को प्रोत्साहित कर रहा है और आईआईटी इंदौर में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन केंद्र स्थापित करने पर चर्चा चल रही है।
भारत में 6 करोड़ से ज़्यादा एमएसएमई हैं, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30% का योगदान करते हैं और निर्यात में 45% हिस्सेदारी रखते हैं। लघु उद्योगों के महत्व को रेखांकित करते हुए यादव ने कहा, “आत्मनिर्भर भारत का मार्ग बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि घरों से निकलने वाले छोटे व्यवसायों से शुरू होता है।”