भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्य सरकार को अलग-अलग सोर्स से रेवेन्यू मिलता है और वह इसे अलग-अलग सेक्टर में खर्च करती है। इनकम का सबसे बड़ा हिस्सा राज्य के अपने रेवेन्यू सोर्स से आता है, जबकि दूसरा बड़ा सोर्स भारत सरकार से आता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इनकम
अगर राज्य की कुल इनकम 100 रुपए मानी जाए
30 रुपए राज्य के टैक्स रेवेन्यू से आते हैं
29 रुपए GOI से आते हैं, जो सेंट्रल टैक्स में राज्य का हिस्सा है
6 रुपए राज्य के नॉन-टैक्स रेवेन्यू से आए
14 रुपए ग्रांट के तौर पर मिले
21 रुपए कैपिटल रिसीट से जुटाए गए

खर्च
14 रुपए ग्रामीण और शहरी विकास पर खर्च किए गए
13 रुपए हेल्थ सर्विसेज़ के लिए दिए गए
11 रुपए बेसिक इंफ्रा बनाने और मेंटेन करने पर खर्च किए गए
10 रुपए एजुकेशन के लिए दिए गए
9 रुपए जनरल सर्विसेज़ पर खर्च किए गए
9 रुपए एग्रीकल्चर के लिए दिए गए
*8 रुपए लोन के इंटरेस्ट पेमेंट पर खर्च किए गए
8 रुपए लोन चुकाने के लिए दिए गए। 7 रुपये पेंशन के लिए
5 रुपए सोशल सेक्टर के लिए
5 रुपए कल्चर के लिए
4 रुपए दूसरी सर्विसेज़ के लिए
1 रुपए आने वाले फाइनेंशियल ईयर में नौकरी के लिए

बजट में सर्वाधिक और सबसे कम आवंटन
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा 18-19 फरवरी 2026 को पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट (कुल 4.38 लाख करोड़) में विभागवार आवंटन की मुख्य जानकारी निम्नलिखित है।
सर्वाधिक बजट आवंटन (Highest Allocation)
इस बजट में महिला एवं बाल विकास और ग्रामीण विकास क्षेत्रों पर सबसे अधिक ध्यान दिया गया है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: इसे सर्वाधिक 40,062 करोड़ का आवंटन मिला है, इसमें मनरेगा (MG-NREGA) के स्थान पर शुरू की गई नई योजना ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ के लिए भी बजट शामिल है।
महिला एवं बाल विकास: महिला केंद्रित योजनाओं के लिए कुल 1.27 लाख करोड़ का प्रावधान है, जिसमें अकेले लाड़ली बहना योजना के लिए 23,883 करोड़ (जो पिछले वर्ष से 10% अधिक है) आवंटित किए गए हैं।
प्रमुख विभागों का आवंटन (Major Department Allocations)
कृषि क्षेत्र: 58,257 करोड़ (कुछ स्रोतों में इसे 38,850 करोड़ भी बताया गया है, जो विशिष्ट योजनाओं पर आधारित हो सकता है)।
शिक्षा: 45,358 करोड़।
स्वास्थ्य: 23,747 करोड़ से 37,956 करोड़ के बीच (मेडिकल शिक्षा सहित)।
अधोसंरचना (Infrastructure): 49,084 करोड़।
सबसे कम बजट आवंटन (Lowest Allocation)
हालांकि, सबसे कम बजट वाले विभाग का स्पष्ट नाम आधिकारिक सारांश में अक्सर नहीं होता, लेकिन तुलनात्मक रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों को कम आवंटन प्राप्त हुआ है।
सांस्कृतिक संवर्धन (Cultural Promotion): इसे लगभग 2,069 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो अन्य प्रमुख विभागों की तुलना में काफी कम है।
कुपोषण निवारण: महिला एवं बाल विकास के कुल बजट का केवल 18% हिस्सा ही कुपोषण से लड़ने के लिए रखा गया है, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट देखी गई है।
बजट का मुख्य मॉडल: यह बजट ‘GYANII’ (G-Garib, Y-Yuva, A-Annadata, N-Nari, I-Infrastructure, I-Industry) मॉडल पर आधारित है।
