
भोपाल। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में 19 अगस्त को दाखिल अपने पहले हलफनामे को वापस लेने के लिए एक आवेदन दायर किया, जिसमें उसने 27% ओबीसी आरक्षण से संबंधित मामले में 13% होल्ड उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज करने की मांग की थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एमपीपीएससी द्वारा दायर आवेदन में विसंगतियों के कारण पिछले प्रति-हलफनामे को वापस लेने की अनुमति मांगी गई है। आयोग ने दलील दी है कि 19 अगस्त को दाखिल हलफनामे में एक त्रुटि हुई थी और अब वह रिकॉर्ड को सही करके एक संशोधित हलफनामा दाखिल करना चाहता है। आयोग ने पिछली गलती के लिए बिना शर्त माफ़ी भी मांगी है।
एमपीपीएससी ने कहा कि पूर्व में प्रस्तुत दस्तावेज़ में कुछ त्रुटियों के कारण वर्तमान अनुरोध आवश्यक हो गया था, और अब वह नए आवेदन के साथ एक संशोधित प्रति-हलफ़नामा दायर करने के लिए अदालत से अनुमति चाहता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर ठाकुर ने कहा कि एक भर्ती एजेंसी होने के नाते, आयोग को ऐसा हलफ़नामा दायर ही नहीं करना चाहिए था। मूल हलफ़नामे में ओबीसी होल्ड उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज करने की मांग की गई थी, जिन्हें अभी तक 27 प्रतिशत आरक्षण के तहत नियुक्त नहीं किया गया है। इस मामले में एक महत्वपूर्ण सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित है।