Skip to content
AapTak

AapTak

सच, बेहिचक

Primary Menu
  • Home
  • NATIONAL
  • WORLD
  • MP/CG
  • POLITICS/ADMIN
  • BUSSINESS
  • SPORTS
  • LIFESTYLE
    • ENTERTANMENT
    • JOB
    • LIFESTYLE
  • Artical
Light/Dark Button
Live
  • Home
  • BUSSINESS
  • सरकारी बैंकों ने निवेशकों का विश्वास खोया: रिपोर्ट
  • BUSSINESS

सरकारी बैंकों ने निवेशकों का विश्वास खोया: रिपोर्ट

aaptak.co.in1@gmail.com August 4, 2025
iim indore

इंदौर। भारतीय प्रबंधन संस्थान-इंदौर द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि भारत में सरकारी स्वामित्व वाले बैंक आय को सुचारू बनाने के लिए विवेकाधीन ऋण हानि प्रावधानों (एलएलपी) का उपयोग करते हैं, लेकिन निवेशक इस प्रथा को नकारात्मक रूप से देखते हैं और इसे वित्तीय विवेक के बजाय खराब प्रशासन का संकेत मानते हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

इसके परिणामस्वरूप इन बैंकों का बाजार मूल्यांकन उनके निजी समकक्षों की तुलना में कम होता है। अध्ययन में निवेशकों का विश्वास बहाल करने और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए प्रमुख नियुक्तियों का राजनीतिकरण, लेखा परीक्षा प्रक्रियाओं को मजबूत करने और अधिक प्रबंधकीय स्वायत्तता सुनिश्चित करने सहित प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।

प्रोफ़ेसर कौशिक गुहाठाकुरता द्वारा किए गए इस शोध में 2011 से 2023 तक भारतीय फर्मों के डेटासेट के आधार पर इस बात के प्रमाण मिले हैं कि बहुसंख्यक सरकारी स्वामित्व वाले बैंक विवेकाधीन एलएलपी का उपयोग करके व्यवस्थित रूप से आय प्रबंधन में लगे हुए हैं।

आय समतलीकरण से आय में अस्थिरता कम हो सकती है और संभावित रूप से वित्तीय स्थिरता का संकेत मिल सकता है, लेकिन अध्ययन से पता चला है कि निवेशक सरकार द्वारा नियंत्रित संस्थानों द्वारा किए गए इस व्यवहार को संदेह की दृष्टि से देखते हैं।

अध्ययन से प्राप्त प्रबंधकीय अंतर्दृष्टि ने एक दोहरे तनाव को उजागर किया है, जिससे सरकारी बैंकों के वरिष्ठ नेतृत्व को निपटना होगा। एक ओर उन्हें कोविड-19 महामारी जैसे अस्थिर दौर में भी अनिवार्य लाभांश भुगतान का पालन करके वित्तीय अनुशासन का प्रदर्शन करना आवश्यक है। दूसरी ओर वे जनता की अपेक्षाओं और राजनीतिक प्रभाव के दबाव में काम करते हैं, जहां प्रबंधकीय स्वायत्तता अक्सर नियुक्ति प्रक्रियाओं और सरकार द्वारा निर्धारित निश्चित कार्यकालों द्वारा सीमित होती है। प्रोफ़ेसर गुहाठाकुरता ने कहा, इसके परिणामस्वरूप अल्पकालिक प्रदर्शन रणनीतियाँ बनती हैं जिनमें दीर्घकालिक बाज़ार संकेत मूल्य का अभाव होता है।

उद्योग के दृष्टिकोण से शोध से पता चला कि एलएलपी के विवेकाधीन घटक, जिनका उपयोग आमतौर पर बैंक ऋण जोखिम पर दूरदर्शिता दर्शाने के लिए करते हैं, सरकारी बैंकों द्वारा प्रयोग किए जाने पर निवेशकों को आश्वस्त करने में विफल रहे। इन समायोजनों को विवेकपूर्ण या दूरदर्शी मानने के बजाय, निवेशक इन्हें खराब प्रशासन या अवसरवादी व्यवहार के संकेतक के रूप में देखने लगे।

इसके परिणामस्वरूप बैंकों के शेयर मूल्यांकन में इन प्रावधानों को कम करके आंका गया। नकारात्मक मूल्यांकन प्रभाव सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण था और विभिन्न मॉडल विनिर्देशों, बाज़ार स्थितियों और महामारी जैसे संकट काल के दौरान लगातार बना रहा। इसके अलावा सरकारी स्वामित्व वाले बैंकों ने भी उच्च गैर-निष्पादित आस्तियां और कम पूंजी पर्याप्तता अनुपात की सूचना दी, जिससे निवेशकों का विश्वास और कम हुआ।

अध्ययन में पाया गया कि ऐसे बैंक अधिक प्रावधान करते थे, लेकिन लचीलेपन का संकेत देने में कम प्रभावी थे। इसके विपरीत निजी बैंक, हालाँकि वे भी सुगमता के उद्देश्यों के लिए एलएलपी का उपयोग करते थे, उन्हें बाज़ार द्वारा उसी हद तक दंडित नहीं किया गया। यह अंतर बाजार की प्रतिक्रियाओं को आकार देने में कथित शासन गुणवत्ता की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

इन निष्कर्षों के निहितार्थ नीति निर्माताओं और बैंकिंग क्षेत्र के नेताओं, दोनों के लिए दूरगामी हैं। चूँकि भारतीय वित्तीय प्रणाली नियामक सुधारों से गुज़र रही है और अधिक निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखती है, इसलिए यह अध्ययन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शासन संरचनाओं को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित करता है।

यह प्रमुख प्रबंधकीय नियुक्तियों को राजनीतिक प्रभाव से अलग रखने और निगरानी एवं पारदर्शिता को मज़बूत करने के लिए स्वतंत्र लेखा परीक्षा समितियों की भूमिका बढ़ाने की सिफ़ारिश करता है। ऐसे संस्थागत तंत्रों के बिना, एलएलपी जैसे विवेकाधीन लेखा उपकरण सूचनात्मक संकेतों के बजाय ख़तरे की घंटी बन सकते हैं।

इसके अलावा आंतरिक और वैधानिक लेखा परीक्षा प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता है। प्रमुख प्रबंधन कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया का मूल्यांकन करना भी आवश्यक है, क्योंकि वर्तमान में सरकारी हित इसे प्रभावित करते हैं।

नामांकन के प्रबंधन के लिए एक स्वतंत्र संगठन का निर्माण नियुक्ति प्रक्रिया की अखंडता को बढ़ा सकता है। यह दृष्टिकोण योग्यता और तकनीकी विशेषज्ञता को प्राथमिकता देगा, राजनीतिक प्रभावों से दूर रहेगा। इन सुधारों का उद्देश्य प्रबंधन की स्वतंत्रता को बढ़ाना और एक नियामक के रूप में सरकार के दोहरे कार्य से उत्पन्न होने वाले संभावित हितों के टकराव से संबंधित मुद्दों से निपटना है।

About the Author

aaptak.co.in1@gmail.com

Administrator

Web News Portal

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: 2024 में रिकॉर्ड 18,911 अंग प्रत्यारोपण, 10 लाख की आबादी पर सिर्फ एक अंगदान
Next: एम्स-भोपाल ने एक राज्य, एक हेल्थ इमरजेंसी की शुरू की पहल

Related Stories

indian railway
  • BUSSINESS

रेलवे में तत्काल टिकट में बदलाव, कल से लागू

aaptak.co.in1@gmail.com July 30, 2026
itr return
  • BUSSINESS

ई-फाइलिंग से चूके तो सिर्फ जुर्माना नहीं, ये 5 बड़े नुकसान

aaptak.co.in1@gmail.com July 27, 2026
dengue vaccine qdenga
  • BUSSINESS

भारत में पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मंजूरी, इस उम्र के लोग ले सकेंगे डोज

aaptak.co.in1@gmail.com July 20, 2026
  • ढाई वर्ष में मंजूर हुई हैं अनेक वृहद परियोजनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    - 05/08/2026
  • व्यवस्थित ग्रामीण विकास और जनकल्याण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायतों को सशक्त बनाना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यवस्थित ग्रामीण विकास और जनकल्याण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायतों को सशक्त बनाना आवश्यक है। शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों के विकास तथ - 05/08/2026
  • किसानों के खेतों से लेकर उनके खातों तक का ध्यान रख रही है: राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषक कल्याण वर्ष में किसान हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ घर-घर तक पहुंचा रही है। हमारी सर - 05/08/2026
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जनोन्मुखी पहल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026 शुक्रवार 7 अगस्त से प्रारंभ होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ ही कलेक्टर्स और कमिश्नर को अभिया - 05/08/2026
  • विद्यार्थियों के चेहरे पर मुझे दिखता है भारत का भविष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की वह कुंजी है, जो विद्यार्थियों को उनकी मंजिल तक पहुँचाती है। आज इन युवाओं के चेहरों पर ही मुझे भारत का उज्ज्वल भवि - 05/08/2026
  • अनुच्छेद 370 एवं 35A की समाप्ति के 7 साल पूरे
    - 05/08/2026
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया।
    - 05/08/2026
  • पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र का व्यक्तित्व और कतित्व योगदान सदैव रहेगा प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा - 05/08/2026
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मभूषण डॉ. शिवमंगल सिंह सुमन की जयंती पर किया नमन
    - 05/08/2026
  • एसडीईआरएफ के 90 दिवसीय बेसिक प्रशिक्षण का सफल समापन
    मध्यप्रदेश पुलिस के राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) में प्रतिनियुक्त जवानों के 90 दिवसीय बेसिक प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह में महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श् - 05/08/2026

Recent Posts

  • आज की टॉप न्यूज
  • दतिया, बांकीपुर में हार पर BJP में घमासान, पूर्व CM से मिले PM
  • मप्र में पटवारियों को बड़ी राहत, कलेक्टरों को लिखा पत्र
  • टिकट के साथ रणनीति भी बदली, दतिया नहीं बचा सकी भाजपा
  • बेमियादी हड़ताल पर पटवारी, ठप पड़ा राजस्व का काम

Recent Comments

  1. बेमियादी हड़ताल पर पटवारी, ठप पड़ा राजस्व का काम - AapTak on PM Kisan: तारीख का ऐलान, इस दिन खाते में आएंगे ₹2,000
  2. Brandoncah on 18 लाख की नकली मुद्रा जब्त, बीबीए छात्र समेत 6 गिरफ्तार
  3. NEET पेपर लीक विवाद पर घिरी सरकार, प्रधान ने दिया इस्तीफा - AapTak on 7 राज्यों में 10वीं—12वीं ​के लिए होगा एक समान बोर्ड
  4. Antoniomop on 18 लाख की नकली मुद्रा जब्त, बीबीए छात्र समेत 6 गिरफ्तार
  5. RAVI KHAVSE on 18 लाख की नकली मुद्रा जब्त, बीबीए छात्र समेत 6 गिरफ्तार

Archives

  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025
  • May 2025
  • April 2025
  • December 2024
  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025
  • May 2025
  • April 2025
  • December 2024

You may have missed

aaptak top 10 news logo new
  • Breaking News

आज की टॉप न्यूज

aaptak.co.in1@gmail.com August 5, 2026
pm modi meet shivraj datia election
  • POLITICS/ADMIN

दतिया, बांकीपुर में हार पर BJP में घमासान, पूर्व CM से मिले PM

aaptak.co.in1@gmail.com August 4, 2026
patwari hadhtal in mp
  • Breaking News

मप्र में पटवारियों को बड़ी राहत, कलेक्टरों को लिखा पत्र

aaptak.co.in1@gmail.com August 4, 2026
datia by election effect bjp
  • NATIONAL

टिकट के साथ रणनीति भी बदली, दतिया नहीं बचा सकी भाजपा

aaptak.co.in1@gmail.com August 3, 2026
हमारे बारे में…
आपतक एक प्रमुख हिंदी न्यूज पोर्टल है। इसमें राजनीतिक—प्रशासनिक और एक्सक्लूसिव समाचारों को प्रमुखता दी जाती है। ट्रेंडिंग न्यूज, बिजनेस, रोजगार तथा तकनीक से जुड़ी अहम खबरों को भी महत्व दिया जाता है।

संपर्क:
संपादक: आर.बी. सिंह
मोबाइल: 9425168479
कार्यालय: Katara Hills Bhopal, MP

खबर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें:
Email_id: aaptak.news28@gmail.com

  • Home
  • NATIONAL
  • WORLD
  • MP/CG
  • POLITICS/ADMIN
  • BUSSINESS
  • SPORTS
  • LIFESTYLE
  • Artical
  • Home
  • NATIONAL
  • WORLD
  • MP/CG
  • POLITICS/ADMIN
  • BUSSINESS
  • SPORTS
  • LIFESTYLE
    • ENTERTANMENT
    • JOB
    • LIFESTYLE
  • Artical
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.