भोपाल। मध्य प्रदेश में कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। जनवरी 2026 तक ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश सरकार पर कुल कर्ज 4,80,976 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। यह कर्ज राज्य के वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक बजट (4.21 लाख करोड़ रुपए) से भी अधिक है। देश के कुल कर्ज में मध्य प्रदेश का हिस्सा 5% से ज्यादा है। देश का कुल कर्ज 93,93,317.5 करोड़ है, जिसमें से मध्य प्रदेश का हिस्सा 4,80,976 करोड़ है। कर्ज के मामले में मध्य प्रदेश नौवें स्थान पर है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मोहन यादव सरकार ने दिसंबर 2025 के अंत में 3,500 करोड़ का नया कर्ज लिया, जिससे चालू वित्त वर्ष (2025-26) में लिया गया कुल कर्ज 53,100 करोड़ तक पहुंच गया है।
पिछले दो वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार औसतन 125 करोड़ प्रतिदिन का कर्ज ले रही है। यही नहीं प्रति व्यक्ति कर्ज की बात करें तो राज्य के बढ़ते ऋण के कारण अनुमानतः मध्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक पर लगभग 50,000 रुपए से अधिक का कर्ज बोझ है।
हर साल 27000 करोड़ से अधिक दे रही ब्याज
मध्य प्रदेश सरकार अपने ऋण पर सालाना लगभग 27,000 करोड़ रुपए से अधिक का ब्याज चुका रही है। हालांकि, इसके पीछे राज्य सरकार का तर्क है कि यह कर्ज बुनियादी ढांचे के विकास (सड़क, सिंचाई, बिजली) और जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे ‘लाड़ली बहना योजना’ के वित्तपोषण के लिए लिया जा रहा है।
कर्ज के बोझ को कम करने ये तरीका
राज्य सरकार अब इस बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने के लिए अपनी अन्य राज्यों (जैसे मुंबई और केरल) में स्थित संपत्तियों को बेचने या किराए पर देने की योजना भी बना रही है। इसके तहत सरकार की संपत्तियों को बेचकर कर्ज का बोझ हल्का करने की कवायद की जा रही है।
फिजूलखर्ची के आरोप
राज्य सरकार का दावा है कि वह डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए लोन लेती है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार फिजूलखर्ची कर रही है। इसमें मंत्रियों के लिए नई कारें खरीदना और बंगलों का रेनोवेशन शामिल है। राज्य सरकार को लाडली बहना योजना स्कीम के लिए हर महीने 1,550 करोड़ रुपए से ज्यादा की जरूरत है।
बढ़ते कर्ज के बावजूद खर्च
बढ़ते कर्ज के बावजूद राज्य सरकार ने एक स्टेट एयरक्राफ्ट खरीदा है, मंत्रियों के लिए नई कारें खरीदी हैं, और मंत्रियों के बंगलों का रेनोवेशन करवाया है। 10 जुलाई को मध्य प्रदेश सरकार ने 230 करोड़ से ज्यादा का एक जेट एयरक्राफ्ट खरीदने का प्रस्ताव पास किया। पिछले साल, मंत्रियों के बंगलों के रेनोवेशन पर कम से कम 18 करोड़ खर्च किए गए थे। मई 2024 में सरकार ने मंत्रियों के लिए लगभग 5 करोड़ की SUV का ऑर्डर दिया। सरकार की बड़ी फाइनेंशियल जिम्मेदारियों में से एक लाडली बहना योजना स्कीम के लिए हर महीने 1,550 करोड़ से ज्यादा की जरूरत है।
