नई दिल्ली। मध्य पूर्व यानी पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दुनियाभर में संकट बढ़ता जा रहा है। एलपीजी, पेट्रोल—डीजल के साथ के साथ अब सबसे बड़े हथियार इंटरनेट पर खतरा मंडरा रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, लाल सागर (Red Sea) और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास चल रहे तनाव की वजह से वैश्विक इंटरनेट के लिए एक बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!97% डेटा का रास्ता
दुनिया का लगभग 97% इंटरनेट और संचार डेटा समुद्र के नीचे बिछी सबमरीन केबल्स के जरिए एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक पहुंचता है।
संकट का केंद्र: लाल सागर एक ऐसा ‘चोक पॉइंट’ है, जहां से एशिया और यूरोप को जोड़ने वाली अधिकांश केबल्स गुजरती हैं। यदि इन केबल्स को नुकसान पहुंचता है, तो भारत समेत कई देशों में इंटरनेट की रफ्तार बेहद धीमी हो सकती है या पूरी तरह ठप हो सकता है।
ताजा घटनाक्रम: हाल ही में हूती विद्रोहियों और क्षेत्रीय संघर्षों के बीच लाल सागर में कुछ प्रमुख केबल्स (जैसे Seacom, TGN, AAE-1) के कटने की खबरें आई थीं, जिससे वैश्विक ट्रैफिक का 25% प्रभावित हुआ था।
भारत पर असर: भारत अपनी इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए इन समुद्री केबल्स पर बहुत अधिक निर्भर है। मुंबई और चेन्नई जैसे शहर इन केबल्स के मुख्य लैंडिंग पॉइंट हैं। युद्ध की स्थिति में इन केबल्स की मरम्मत करना भी बेहद कठिन और जोखिम भरा काम होता है, जो इस खतरे को और बढ़ा देता है।

दुनियाभर में 6 अरब इंटरनेट यूजर
दुनियाभर में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। मार्च 2026 तक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, विश्व स्तर पर इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की कुल संख्या 6 अरब के पार पहुंच गई है।
सबसे अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं वाले शीर्ष देशों की सूची
रैंक देश इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की अनुमानित संख्या
1 चीन लगभग 1.11 अरब
2 भारत लगभग 88.1 करोड़ से 100 करोड़ के बीच
3 संयुक्त राज्य अमेरिका लगभग 32.2 करोड़
4 इंडोनेशिया लगभग 21.2 करोड़
5 ब्राजील लगभग 18.3 करोड़

चीन: 1.11 अरब उपयोगकर्ताओं के साथ चीन दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन समुदाय है, जहां इसकी आबादी का लगभग 78% हिस्सा इंटरनेट पर सक्रिय है।
भारत: भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाजार है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, डिजिटल क्रांति के कारण यहाँ उपयोगकर्ताओं की संख्या 100 करोड़ के मील के पत्थर को छू रही है।
अफ्रीकी देश: नाइजीरिया एकमात्र अफ्रीकी देश है जो शीर्ष 10 की सूची में स्थान बनाने के करीब है, जबकि अन्य अफ्रीकी देश बुनियादी ढांचे की कमी के कारण अभी भी पीछे हैं।
इंटरनेट स्पीड: स्पीड के मामले में सिंगापुर दुनिया में सबसे आगे है, जहां औसत इंटरनेट गति लगभग 368.50 Mbps है।
