भोपाल। मध्य प्रदेश में नवनियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच तालमेल बिठाने को लेकर बैलिंसिंग एक्ट की कवायद की जा रही है। इस कवायद को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। खंडेलवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में संगठन और सरकार के बीच पूर्ण तालमेल है और उनकी प्राथमिकता गुटबाजी से दूर सबको साथ लेकर चलना है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!निगम-मंडलों में नियुक्तियां
हाल ही में शिवराज सिंह चौहान और हेमंत खंडेलवाल के बीच बंद कमरे में हुई लंबी चर्चा को निगम-मंडलों और संगठन में रुकी हुई नियुक्तियों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि खंडेलवाल, शिवराज समर्थकों और वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
वरिष्ठ नेताओं का सम्मान
खंडेलवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुभवों और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव की नई कार्यशैली के बीच एक सेतु की भूमिका निभाई है।
संयुक्त रणनीतियां
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री मोहन यादव और हेमंत खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठकें की हैं, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी नेतृत्व एकमत है।
खंडेलवाल की इस “बैलेंसिंग एक्ट” (संतुलन बनाने की प्रक्रिया) का उद्देश्य आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार के असंतोष को रोकना और सत्ता व संगठन को एक सूत्र में पिरोना है।
